निरंतर बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए कमिश्नर ने कोयले एवं लकड़ी की बिक्री पर पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए हैं। यही नहीं कोयला, लकड़ी व कंडों को खाना बनाने में इस्तेमाल करने वाले लोगों को प्रेरित करने को कहा है। उन्होंने प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए रसोई गैस से वंचित परिवारों का चिन्हांकन करने को कहा है। ताकि उन्हें रसोई गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए जा सकें। सभी संबंधित विभागों से प्रदूषण रोकने के लिए कार्य योजना तलब कर ली है।
अलीगढ़ में वायु प्रदूषण पिछले सप्ताह में थोड़ा कम जरूर हुआ है, लेकिन यह समस्या अभी भी सिरदर्द बनी हुई है। इसका कारण मौसम में नमी तो है ही साथ ही जर्जर सड़कों से उड़ती धूल, पराली जलाने एवं रसोई में खाना बनाने में कंडे, लकड़ी व कोयले का इस्तेमाल भी है। इस मामले में कमिश्नर अजय दीप सिंह ने सोमवार को क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, रोडवेज, पूर्ति विभाग, नगर निगम, आरटीओ समेत अन्य विभागों की बैठक बुलाकर प्रदूषण को कम करने की कार्ययोजना तलब की। विशेष रूप से रसोई में खाना बनाने में कंडे, लकड़ी व कोयले के प्रयोग पर चिंता जताई। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी रामगोपाल ने बताया कि कमिश्नर ने जलाऊ लकड़ी व कोयले की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं। पूर्ति विभाग के एआरओ शरद स्वर्णकार ने बताया कि लकड़ी व कोयले की बिक्री पर प्रतिबंध के साथ कमिश्नर ने रसोई गैस से वंचित और कंडे, लकड़ी व कोयले से खाना बना रहे परिवारों के चिन्हांकन के आदेश भी दिए हैं। ताकि इन्हें रसोई गैस उपलब्ध कराकर पर्यावरण प्रदूषण रोका जा सके।
अन्य प्रमुख निर्देश
-आरटीओ को गाड़ियों में प्रदूषण की निरंतर चेकिंग के आदेश।
-प्रदूषण फैला रहे वाहनों को पकड़कर जुर्माने की कार्रवाई हो।
-महानगर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाय।
-नगर निगम कूड़े का निस्तारण जलाकर न करे।
-ज्यादा धूल वाले चौराहों पर पानी का छिड़काव किया जाय।
-राजमार्गों पर काम के दौरान गिट्टी के भराव के दौरान पानी छिड़काव।
-मिट्टी को ढंककर ही परिवहन किया जाय।