कैंसर के उपचार में सर्जिकल पैथोलॉजी में एएमयू और एम्स नई दिल्ली के बीच करार हो सकता है। इस पर एएमयू की कुलपति प्रो. नईमा खातून ने अपनी मंशा जाहिर कर दी है।
26 दिसंबर को जेएन मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग के बैनरतले अंतरराष्ट्रीय सतत चिकित्सा शिक्षा पर कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि एएमयू कुलपति प्रो. नईमा खातून ने कैंसर के उपचार में सर्जिकल पैथोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका और बहु-विषयक उपचार दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने एम्स नई दिल्ली के साथ पैथोलॉजी के क्षेत्र में करार की जरूरत बताई है। एम्स नई दिल्ली के प्रो. संदीप माथुर ने एंडोमेट्रियल कार्सिनोमा के मामले में हुई प्रगति की जानकारी दी।
हमाद मेडिकल कॉरपोरेशन के कंसल्टेंट पैथोलॉजिस्ट डॉ. हसन रिजवी ने सॉफ्ट टिशू ट्यूमर में विकास पर प्रस्तुति दी। एम्स की डॉ. दीपाली जैन ने पल्मोनरी पैथोलॉजी में प्रगति की जानकारी मुहैया कराई। प्रो. श्रुति भार्गव (एसएमएस जयपुर), डॉ. सुमैरा कयूम (केजीएमयू, लखनऊ), डॉ. जय कुमार चैरसिया (एम्स भोपाल), डॉ. सदफ हयात (एमपीएमएमसीसी, वाराणसी), जेएनएमसी एएमयू से डॉ. बुशरा सिद्दीकी, रुकिया अफरोज और सुहैलुर रहमान ने प्रस्तुति दी।
ऑनलाइन पोस्टर प्रतियोगिता में ग्रुप ए में विजेता डॉ. जुनैद अख्तर उपविजेता डॉ. एजाज अहमद, ग्रुप बी में विजेता डॉ. मलिक बीनिश इकबाल, डॉ. राहुल गौतम, ग्रुप सी में विजेता डॉ. अरीबा खुर्शीद, उपविजेता डॉ. शुभम सिंह, डॉ. मारिया बटूल, ग्रुप डी में विजेता डॉ. कनक अत्र, उपविजेता डॉ. जकिया अल्मास रहे। सीनियर रेजिडेंट्स श्रेणी में डॉ. हलीमा सादिया (एम्स रायबरेली) पहले और डॉ. सुम्बुल वारसी दूसरे स्थान पर रहीं। स्नातक में फातिमा नदीम पहले व ऐमन तनवीर दूसरे स्थान पर रहीं। प्राचार्या प्रो. वीणा माहेश्वरी ने अनुसंधान को जोड़ने में पैथोलॉजी की जानकारी दी।