अलीगढ़ शहर के शाहजमाल निवासी एक महिला को निकाह के 17 साल बाद शौहर ने तीन बार तलाक, तलाक, तलाक बोला और घर से भगा दिया। पीड़िता का आरोप है कि तीन तलाक देने से पहले शौहर ने ननदोई से दुष्कर्म भी कराया। उसने रजिस्टर्ड डाक से थाने में शिकायती पत्र भेजा है। वहीं थानाध्यक्ष का कहना है कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली।
पीड़ित महिला के अनुसार 17 साल पहले उसका निकाह हरदुआगंज निवासी युवक से हुआ था। 14 वर्ष की बेटी व चार साल का बेटा है। पीड़िता के अनुसार निकाह के बाद से पति व ससुुुराल वाले मोटर साइकिल व एक लाख रुपये की मांग करते आ रहे थे। एक जुलाई को ससुराल वालों ने दोनों बच्चों समेत घर से निकाल दिया। लॉकडाउन में मजदूरी करने के बाद भी कमरे का किराया व बच्चों का खर्च चलाना मुश्किल हुआ तो उसने कोर्ट में भरण पोषण का मुकदमा लड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी।
इसकी भनक पर ससुराल वालों ने ननदोई को भेजकर फैसला कराने के नाम पर हरदुआगंज बुला लिया। पीड़िता के अनुसार 23 जुलाई की सुबह वह ससुराल पहुंची तो पति, सास व ननद ने मारपीट कर डाली। ननदोई ने जबरन कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद पति ने तीन बार तलाक कहकर भगा दिया।