पश्चिम उप्र में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना और मेरठ में अधिवक्ता ओंकार सिंह की मौत को लेकर अधिवक्ताओं ने दीवानी व तहसील में बृहस्पतिवार को धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान तहसील कोल के सामने जीटी रोड को आधा घंटे के लिए जाम कर दिया। वहीं, दीवानी के दोनों गेटों को भी घेर लिया। पूरे दिन तहसील से लेकर दीवानी तक हंगामा चलता रहा। शाम पांच बजे ज्ञापन देने के बाद धरना प्रदर्शन खत्म किया गया।
हाईकोर्ट बेंच स्थापना संघर्ष समिति के आह्वान पर अलीगढ़ बार एसोसिएशन व दि सिविल बार एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से दीवानी परिसर के मुख्य गेट पर धरना दिया। साथ ही तहसील कोल राजस्व बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इस तीनों एसोसिएशन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कामकाज को बंद रखा। अन्य अधिवक्ताओं व वादियों को न्यायालय परिसर में प्रवेश व काम नहीं करने दिया। वहीं, दीवानी में कुछ अधिवक्ताओं ने पिछले गेट पर भी धरना देकर उधर से भी आवाजाही बंद रखी।
दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेश कुमार सिंह और महासचिव संजय पाठक, सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम सिंह, महासचिव केके तिवारी के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन हुआ। तहसील राजस्व बार एसोसिएशन कोल के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष हरीश बालियान व महासचिव रामवीर सिंह बघेल के नेतृत्व में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर धरना प्रदर्शन किया और जीटी रोड पर जाम लगाया।
प्रदर्शन के दौरान मेरठ बार एसोसिएशन के सदस्य ओंकार सिंह तोमर द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना को लेकर भी विरोध जाहिर किया गया। नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग की गई। इस धरना प्रदर्शन में दुर्गेश गौतम, शिव प्रसाद कुलश्रेष्ठ, रामबाबू शर्मा, मनोज शर्मा, चौधरी सरनाम सिंह, जगदीश सारस्वत, गणेश कुमार शर्मा, नेत्रपाल सिंह, यार खान, संतोष कुमार वशिष्ठ, महान प्रताप सिंह, शैलेंद्र सिंह, वीरेंद्र शर्मा, देवेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
जीटी रोड पर रेंगते रहे वाहन
जीटी रोड पर अधिवक्ताओं के जाम लगाने से पुलिस-प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। ट्रैफिक पुलिस की टीम भी पहुंची। मगर, अधिवक्ताओं से जाम नहीं खुलवा पाई। करीब आधे घंटे तक अधिवक्ताओं ने सड़क को जाम किए रखा। इस दौरान सारसौल चौराहा से लेकर रसलगंज चौराहा तक जाम लग गया। नुमाइश में आने वाले लोग भी इसी जाम में फंस गए। जैसे-तैसे दो बजे करीब हालात सामान्य हुए।