घाव को साफ पानी व साबुन से धोएं। तत्काल 1081070112 पर कॉल कर सूचना दें। सर्पदंश वाले अंग को स्थिर रखें। पीड़ित व्यक्ति का सिर ऊंचा कर लिटाएं। प्रभावित अंग को हृदय के स्तर से नीचे रखें। तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाएं, ताकि एंटीस्नेक वेनम (एएसवी) का इंजेक्शन लग सके। सर्पदंश की स्थिति में प्रारंभिक 30 मिनट से लेकर तीन घंटे का समय जीवन रक्षक होता है। पीड़ित व्यक्ति को आश्वस्त करें कि लगभग 80 से 90 प्रतिशत सांप विषैले नहीं होते हैं। प्रभावित अंग के आसपास यदि अंगूठियां, घड़ी, आभूषण, जूते व तंग कपड़े हों तो उन्हें हटा दें, ताकि शरीर में रक्त की आपूर्ति न रुके। सांप काटने का समय नोट करें ताकि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर को बता सके।
क्या न करें
सर्पदंश की स्थिति में घाव में चीरा लगा कर जहर निकालने का प्रयास न करें। जहर चूसने के लिए अपने मुंह का प्रयोग न करें। सांप के काटने पर बर्फ न लगाएं, क्योंकि बर्फ रक्त संचार को अवरुद्ध कर सकती है। सांप काटने पर झाड-फूंक करने वाले से इलाज कराने में समय बर्बाद न करें।