जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में मंगलवार को नाम वापसी के दिन सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर साढ़े तीन बजे तक जबरदस्त दबाव का खेल खेला गया। ये दबाव सपा-रालोद गठबंधन की संयुक्त प्रत्याशी अर्चना यादव के खेमे पर बनाया गया। अर्चना यादव के पति संजय यादव के ईंट भट्ठे, सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव के अपार्टमेंट के साथ ही रालोद की जिपं सदस्य सुरेखा चौधरी के अस्पताल को निशाना बनाया गया। उनके अस्पताल को एसडीएम इगलास ने सील कर दिया है।
घटनाक्रम की शुरुआत सुबह संजय यादव के ईंट-भट्ठे से हुई। अकराबाद के पास जुझारपुर गांव स्थित सपा नेता संजय यादव के एनबीसी ईंट उद्योग पर सुबह करीब 9.30 बजे एसडीएम कोल कुंवर बहादुर सिंह, तहसीलदार और एसओ अकराबाद के साथ पुलिस फोर्स लेकर पहुंचे। वहां प्रदूषण नियंत्रण, मिट्टी खनन की अनुमति, खनन शुल्क जमा करने के प्रपत्र, ईंट भट्ठे की जमीन की खसरा खतौनी सहित अन्य दस्तावेज मांगे। न दिखाए जाने पर एसडीएम ने ईंट-भट्ठे के संचालन व ईंट की बिक्री पर रोक लगा दी है। इस संबंध में संजय यादव ने कहा कि उनकी पत्नी अर्चना यादव जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सपा रालोद गठबंधन की संयुक्त प्रत्याशी हैं। इसलिए नाम वापसी के दिन ही हर तरह का दबाव बनाया गया, लेकिन वह किसी दबाव में आने वाले नहीं है। अर्चना यादव चुनाव लड़ेंगी।
ये घटनाक्रम निपटा भी नहीं था कि जिलाध्यक्ष गिरीश यादव के स्वर्णजयंती नगर स्थित श्रीजी अपार्टमेंट के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस पहुंच गई। चर्चा ये हो रही थी कि एडीए की टीम बिल्डिंग पर कार्रवाई करने आ रही है, इमारत में नियमानुसार सेटबैक नहीं होने पर तोड़फोड़ की जा सकती है। सपा की जिला और महानगर टीम को ये जानकारी मिली तो सभी वहां एकत्र होने लगे। दस बजे तक वहां लगभग करीब 100 सपाई एकत्र हो चुके थे। इस बीच पुलिस भी पहुंच गई। सपा जिला उपाध्यक्ष रत्नाकर पांडेय, महानगर महासचिव मनोज यादव, महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी, राजेश सैनी, कृपाल सिंह, सलमान शाहिद, पूजा गौतम सहित कई सपाई पहुंच चुके थे। पुलिस को देख सपाइयों ने नारे लगाने शुरू कर दिए। सपाइयों और पुलिस के बीच कुछ कहासुनी भी हुई। इस संबंध में जब एडीए से जानकारी की गई तो अधिकारियों ने किसी तरह को नोटिस होने या कार्रवाई के लिए जाने से इंकार किया। जब गिरीश यादव को इसकी पुख्ता जानकारी हो गई तो उन्होंने बात को घुमाना शुरू कर दिया। दोपहर बाद उन्होंने कहा कि पार्टी की जिला और महानगर कमेटी आगामी तीन जुलाई को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाने के लिए साझा बैठक कर रही थी। इसलिए भीड़ देख कर पुलिस वहां पहुंच गई थी। इसके अलावा कोई बात नहीं है। जिलाध्यक्ष के इस यूटर्न पर बाकी सपाई खुद को ठगा हुआ महसूस करते रहे कि उनसे कुछ और कहा गया और बाद में वह कुछ और ही राग अलापने लगे।
इधर, दोपहर में ही इगलास तहसील के गोरई कस्बे में रालोद की जिला पंचायत सदस्य सुरेखा चौधरी के अमित नर्सिंग होम पर एसडीएम इगलास दलबल के साथ पहुंचे। वहां अस्पताल की व्यवस्थाओं के साथ दस्तावेज चेक करने के बाद उसको सील कर दिया गया। सुरेखा चौधरी और उनके पति हरचरन चौधरी इस वक्त बाहर हैं, इसलिए अस्पताल के स्टाफ से उनको ये जानकारी मिली। इस पर हरचरन चौधरी और सुरेखा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सपा रालोद की संयुक्त प्रत्याशी अर्चना यादव का चुनाव खराब के लिए उनके समर्थक सदस्यों पर दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन वह किसी दबाव में नहीं आएंगे। वह रालोद मुखिया जयंत चौधरी के निर्देश पर गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में ही मतदान करेंगे, चाहे जो हो जाए।