सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग एमएसएमई के मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्योगों के विकास के लिए क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव एमएसएमई उत्तर प्रदेश की ऑनलाइन बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में संयुक्त निदेशक सर्वेश्वर शुक्ला, आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अग्रवाल के अतिरिक्त सभी मंडलों के आयुक्त, उद्योग आयुक्त, मंडलीय फैसिलिटेशन काउंसिल के सदस्य उपस्थित थे।
मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने कहा कि उद्योग के हित में प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाया गया है। उन्होंने प्रदेश के सभी उपायुक्त उद्योग को बिना विलंब कार्य संपन्न करने का निर्देश दिया। एमएसएमई के संयुक्त निदेशक सर्वेश्वर शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 14 अक्तूबर 2020 को उद्योगों की अनुमतियों के सरलीकरण को एमएसएमई स्थापना व संचालन अधिनियम पारित किया, जिसके अंतर्गत प्रदेश में उद्योगों की स्थापना, विस्तार या परिवर्तन के लिए केवल एक आवेदन निवेश मित्र पर और केवल एक फार्म जिला उद्योग केंद्र पर अपलोड कर देना है। उसके बाद उद्यमियों को अलग-अलग विभागों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। आवेदन के केवल 72 घंटे में सभी विभागों को प्रपत्र उपलब्ध कराने व अनापत्ति व स्वीकृति प्रदान करने का कार्य जिला उद्योग केंद्र का है। 72 घंटे में स्वीकृति के बाद एक हजार दिन तक उत्तर प्रदेश का कोई भी विभाग इकाई का भ्रमण नहीं करेगा। मुख्यमंत्री स्वयं इसकी समीक्षा कर रहे हैं। एमएसएमई के लंबित भुगतानों के विवाद के निपटारे के लिए 18 मंडल में फैसिलिटेशन काउंसिल का गठन किया गया है। कार्यक्रम में आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, मंडलायुक्त गौरव दयाल, उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान, फैसिलिटेशन काउंसिल के सदस्य मनोज कुमार अग्रवाल, लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष गौरव मित्तल आदि मौजूद थे।