उस्मानपाड़ा के 55 वर्षीय कोरोना संक्रमित व्यक्ति के बारे में जिला प्रशासन को बिना जानकारी दिए उसे भर्ती करने और कोरोना जांच कराने के फैसले से जेएन मेडिकल कालेज प्रशासन फंस गया है। जिला प्रशासन ने कॉलेज प्रशासन पर लगाम लगाते हुए गाइड लाइन जारी कर कहा है कि आगे से किसी भी मामले में इस प्रकार की लापरवाही की शिकायत मिली तो शासन को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के मुताबिक जेएन मेडिकल कॉलेज लिए गाइड लाइन निर्धारित की गई है, जिसके तहत कोई भी खांसी-जुखाम-बुखार का मरीज जांच के लिए आएगा तो उसे अलग वार्ड में रखा जाए। साथ ही जिला प्रशासन को जानकारी दी जाए, मरीज की ट्रेवल हिस्ट्री पता की जाए। कोरोना पॉजिटिव केस मिलने पर उक्त मरीज के भर्ती करने के बाद वार्ड को सील कर दिया जाए, सैनिटाइज किया जाए। कोरोना हॉट स्पॉट वाले इलाके से आने वाले किसी भी बीमारी के मरीज को अन्य मरीजों से अलग रखा जाए।
इधर, अलीगढ़ या अलीगढ़ के बाहर के जिन भी जिलों से कोरोना जांच के लिए जेएन मेडिकल कालेज में सैंपल आएंगे। प्रतिदिन उनकी जानकारी जिला प्रशासन को देनी होगी। साथ ही शहर के प्राइवेट डाक्टरों के लिए भी गाइडलाइन तय करते हुए जिला प्रशासन ने कहा कि वह अपनी सामान्य ओपीडी को बंद रखेंगे। अगर, कोई भी मरीज आता है तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, बिना जिला प्रशासन को सूचित किए किसी भी मरीज को भर्ती न करें। जरूरत होने पर सर्दी, जुखाम, बुखार के मरीजों को उपचार सरकारी अस्पतालों में किया जाएगा।