खैर के गांव नगोला में प्रशासन द्वारा बुलाई गई शांति समिति की बैठक में आए अधिकारी एवं ग्रामीण। स
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कोतवाली क्षेत्र के गांव नगौला में ब्राह्मणों और यादवों के बीच हुई पथराव और मारपीट की घटना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने शुक्रवार को गांव में दोनों समाज का पक्ष जाना। ग्राम प्रधान पर राजनीति को बढ़ावा देने के आरोप लगाए गए। अधिकारियों ने दोबारा झगड़ा होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
गांव में मंगलवार को बच्चों के झगड़े, वृद्ध से मारपीट और उधार के रुपयों को लेकर ब्राह्मण और यादव समाज के लोगों में पथराव हो गया था। पुलिस ने दोनों पक्षों से आठ लोगों के खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई की थी। इसके बाद नौ जुलाई को फिर दोनों समाज के लोग भिड़ गए थे, जिसमें पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। गांव में तनाव और जातीय संघर्ष की आशंका को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया।
दोनों समाज के लोग झगड़ा नहीं करने पर सहमत
शुक्रवार शाम को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पंकज कुमार, पुलिस अधीक्षक (देहात) अमृत जैन, एसडीएम सुमित सिंह, सीओ वरुण कुमार सिंह पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचे और गांव के स्कूल में ब्राह्मण और यादव समाज के लोगों साथ बैठक की। ग्रामीणों के साथ झगड़े के एक आरोपी कान्हा के चेचेरे भाई शिवा गौतम ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान राजनीति के तहत झगड़े को बढ़ावा दे रहे हैं। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए अपनी-अपनी बातें अधिकारियों के समक्ष रखीं। वार्ता के अंत भविष्य में आपस में नहीं झगड़ने पर दोनों समाज के लोग सहमत हो गए। वार्ता में वर्तमान प्रधान तोताराम व भूतपूर्व प्रधान के साथ गांव से दोनों पक्षों के सैकड़ों महिलाएं, वृद्ध, बच्चे और युवक मौजूद रहे।
चुनाव को लेकर जातीय संघर्ष में नहीं फंसें : एसपी देहात
एसपी देहात अमृत जैन ने कहा कि चुनाव को लेकर दोनों पक्ष जातीय संघर्ष में नहीं फंसें। भविष्य में अगर झगड़े की पुनरावृत्ति होती है तो प्रत्येक आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अवश्य जेल भेजा जाएगा। किसी के साथ बिना भेदभाव के कड़ी कार्रवाई की जाएगी। झगड़े में दोनों पक्षों से नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।