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3D Imaging: विवादित जमीन का खुलेगा 100 साल पुराना राज, थ्री डी इमेजिंग तकनीकि से फर्जी दावों की खुलेगी पोल

Sat, 31 Jan 2026 11:29 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अत्याधुनिक मशीनों से जमीन की थ्रीडी इमेजिंग की जाएगी। यह तकनीक 100 साल तक पुरानी स्थिति की सटीक जानकारी देने में सक्षम है। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि जमीन के अंदर कोई प्राचीन संरचना, कब्रिस्तान या अन्य अवशेष हैं या नहीं, जिससे दूसरे पक्ष के दावों की सच्चाई तुरंत पर्दे पर आ जाएगी।
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स्वर्ण जयंती नगर में एडीए द्वारा मुक्त कराई गई जमीन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) अब अपनी अधिग्रहित जमीनों के एक-एक इंच का हिसाब जुटाने के लिए हाई-टेक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। शहर में सरकारी और वक्फ संपत्तियों के बीच जारी मालिकाना हक के विवादों को जड़ से खत्म करने के लिए एडीए अब विवादित जमीनों के नीचे की थ्री-डी इमेज तैयार करवाएगा। इस तकनीक के जरिए जमीन के अंदर छिपे सच का पता लगाया जाएगा, जिससे फर्जी दावों की पोल खुल सकेगी।

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अलीगढ़ में वर्तमान में सरकारी और वक्फ संपत्तियों की पहचान को लेकर गहरा विवाद चल रहा है। जिला प्रशासन और एएमयू के सर्वे में संपत्तियों के आंकड़ों में बड़ा अंतर है। लगभग 1,216 संपत्तियां ऐसी हैं जो कागजों में कब्रिस्तान या बंजर दर्ज हैं, लेकिन उन पर एडीए और अन्य विभागों के अपने दावे हैं। दोदपुर और सुरक्षा विहार जैसी आवासीय योजनाएं सीलिंग की भूमि पर विकसित की गई हैं, जहां पुराने भू-स्वामियों के साथ कानूनी लड़ाई जारी है।

अभी हाल ही में एक जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए जीपीआर (ग्राउंड पैनीट्रेटिंग रडार सर्वे ) का प्रयोग किया था। इसी क्रम में एडीए की तकनीक के साथ इमेजिंग की पहल से भू-माफिया और फर्जी दावों पर लगाम लगेगी, जिससे आम निवेशकों और आवंटियों के हितों की रक्षा हो सकेगी। एडीए अपनी करोड़ों रुपये की जमीन का जनहित में प्रयोग भी कर सकेगा।- कुलदीप मीणा, उपाध्यक्ष, एडीए

पहले दूसरे पक्ष से लिया जाएगा दावे का विवरण

प्राधिकरण की योजना के अनुसार, सबसे पहले विवादित भूमि पर दावा करने वाले दूसरे पक्ष से लिखित विवरण लिया जाएगा कि उनके अनुसार जमीन के नीचे क्या मौजूद है। इसके बाद अत्याधुनिक मशीनों से जमीन की थ्रीडी इमेजिंग की जाएगी। यह तकनीक 100 साल तक पुरानी स्थिति की सटीक जानकारी देने में सक्षम है। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि जमीन के अंदर कोई प्राचीन संरचना, कब्रिस्तान या अन्य अवशेष हैं या नहीं, जिससे दूसरे पक्ष के दावों की सच्चाई तुरंत पर्दे पर आ जाएगी।

अटकी हुई योजनाएं और अवैध कॉलोनियां
मुआवजे के विवाद के कारण स्वर्ण जयंती नगर जैसी प्रमुख योजनाओं के कुछ पॉकेट्स में विकास कार्य और आवंटन रुके हुए हैं। इसके अतिरिक्त, एडीए ने 100 से अधिक ऐसी कॉलोनियों को अवैध घोषित किया है, जहां बिना नक्शा पास कराए निर्माण किया गया है। खैर रोड, रामघाट रोड और अनूपशहर रोड के बाहरी इलाकों में प्राइवेट बिल्डरों द्वारा बेचे गए भूखंडों पर प्राधिकरण की पैनी नजर है।
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खरीदारों के लिए रियायत और नई योजनाएं

विवादों के बीच एडीए अपनी वर्तमान योजनाओं को गति दे रहा है। विभिन्न योजनाओं में खाली पड़े फ्लैटों पर 15 से 20 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, जिसका विशेष लाभ सशस्त्र बलों को मिलेगा। स्वर्ण जयंती नगर, अवंतिका (फेज 1 व 2), विकास नगर और शांति निकेतन जैसी योजनाओं में संपत्तियां उपलब्ध हैं। ट्रांसपोर्ट नगर में हाल ही में यहां 62 भूखंडों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है।

किशनपुर स्वर्णजयंती नगर जमीन पर बाउंड्री निर्माण जारी
किशनपुर स्वर्ण जयंती नगर में बुधवार को कब्जा मुक्त कराई गई जमीन पर अलीगढ़ विकास प्राधिकरण द्वारा वाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य जारी रहा। यहां पर कुल 2400 वर्ग मीटर जमीन में से मौके पर 1400 वर्ग मीटर जमीन एडीए को मिली है जिसकी कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। बची हुई जमीन को लेकर एडीए उप निबंधक कार्यालय से आसपास के जमीनों के स्वामित्व के रिकॉर्ड को निकलवा रहा है।
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