अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) की अवैध कब्जों व अतिक्रमणों पर अब टेडी नजर हो गई है। अभियान के तीसरे दिन एडीए की टीम ने रामघाट रोड स्थित ओएलएफ के सामने करीब 22 करोड़ की जमीन को जेसीबी मशीन की मदद से कब्जामुक्त करा दिया। इससे कब्जेधारकों में खलबली मच गई। उन्होंने एडीए पर एक पक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
एडीए की प्रभारी सचिव व ओएसडी अंजुम बी के नेतृत्व में टीम ने पुलिस फोर्स के साथ रामघाट रोड के ओएलएफ स्कूल के सामने सरकारी जमीन पर हो रहे कब्जों को हटवा दिया। एडीए की प्रभारी सचिव व ओएसडी अंजुम बी ने बताया कि एडीए की किशनपुर में सरकारी जमीन है। 34 साल पहले इसका एडीए के पक्ष में अधिग्रहण किया गया था।
इस जमीन पर भल्ला आटोमोबाइल्स, मेहता बिल्डिंग मैटेरियल, फेब्रिकेशन व चाय आदि के खोखे लगाने वालों ने अवैध तरीके से कब्जा कर रखा था। उन्होंने बताया कि जेसीबी मशीन की मदद से हो रहे अवैध कब्जों को ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने बताया कि खाली करायी गई जमीन की बाजार में कीमत करीब 22 करोड़ रुपये है। एडीए की जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों को कब्जामुक्त कराने का अभियान लगातार जारी है। उधर, सासनीगेट के जयगंज इलाके के रहने वाले मोहित माहेश्वरी ने बिना नोटिस दिए ही एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि कब्जे को लेकर मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।