बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। देखते ही देखते बुलडोजर ने अवैध कब्रिस्तान के मुख्य गेट और बाउंड्रीवाल को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान सपा के कुछ पदाधिकारियों और एक समुदाय के लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए काम जारी रखा। शाम तक एडीए ने पूरी जमीन पर अपनी नई दीवार खड़ी कर निजी स्वामित्व का बोर्ड लगा दिया।
आधुनिक तकनीक का उपयोग कर जमीन की वास्तविकता को सिद्ध किया है। 2013 से लंबित इस मामले में 2400 वर्ग मीटर जमीन को अब पूरी तरह कब्जा मुक्त करा लिया गया है। सरकारी संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।- कुलदीप मीणा, उपाध्यक्ष, एडीए
कार्रवाई के विरोध में उतरे बसपा नेता
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा कब्जा लेने की कार्रवाई का कांग्रेस, बसपा और सपा नेताओं ने विरोध किया। घटना की सूचना मिलते ही बसपा नेता सलमान शाहिद, समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष नवेद खान और सपा महासचिव मनोज यादव समेत कई नेता मौके पर पहुंचे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से वार्ता कर इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई।
जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम सिटी ने प्रतिनिधियों को अपनी बात और साक्ष्य रखने के लिए दो दिन का समय दिया है। बसपा नेता सलमान शाहिद ने कहा कि यह कब्रिस्तान कोई नया निर्माण नहीं, बल्कि सैकड़ों वर्ष पुराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि एडीए द्वारा प्राचीन कब्रिस्तान पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर पहुंचने वालों में मुफ्ती जैद मजाहिरी, मुईन मोनू, इकबाल भाई आदि शामिल रहे। बाद में यह सभी नेता शहरमुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद से भी मिले और पूरा मामला उनके सामने रखा।