अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) अपनी योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से लागू करने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) का गठन करने जा रहा है। शनिवार को होने वाली एडीए की बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है।
पीएमयू के गठन का उद्देश्य प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की प्रभावी मॉनीटरिंग और शासन की नीतियों के अनुरूप कार्यान्वयन सुनिश्चित करना है। प्रस्तावित पीएमयू में अर्बन डिजाइनर, प्लानर/आर्किटेक्ट, सिविल इंजीनियर, ड्राफ्टमैन, सर्वेयर और जीआईएस विशेषज्ञ जैसे तकनीकी रूप से दक्ष पेशेवरों की तैनाती की जाएगी। प्राधिकरण की आवश्यकताओं के अनुसार पीएमयू में मैन पावर की संख्या और योग्यता में समय-समय पर बदलाव भी किया जा सकेगा। यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वर्तमान में एडीए में कर्मचारियों की भारी कमी है।
प्राधिकरण में एक अधिशासी अभियंता, एक सहायक नगर नियोजक, 13 अवर अभियंताओं के सापेक्ष मात्र चार अवर अभियंता, तीन मानचित्रकारों के सापेक्ष एक मानचित्रकार है। नौ लिपिकों के सापेक्ष केवल चार लिपिक ही कार्यरत हैं। वर्तमान स्टाफ द्वारा अनाधिकृत निर्माण पर अंकुश लगाने, मानचित्र स्वीकृति, अभियांत्रिकी कार्यों के साथ-साथ संपत्ति और विधि से संबंधित जिम्मेदारियां भी निभाई जा रही हैं। इस स्थिति में पीएमयू के गठन से न केवल कार्यों का बोझ कम होगा, बल्कि परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता में भी सुधार होगा। एडीए के इस कदम को शहर के नियोजित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। बोर्ड बैठक में पीएमयू के गठन पर अंतिम निर्णय के बाद इसकी कार्य प्रणाली सभी की निगाहें टिकी हैं।
दो अगस्त को एडीए बोर्ड की बैठक है। जिसमें प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव को रखा जाएगा। बोर्ड की सहमति पर इन प्रस्ताव पर मुहर लगेगी। यह प्रस्ताव क्षेत्र के विकास में महत्वूपर्ण भूमिका अदा करेंगे।-कुलदीप मीणा, वीसी, एडीए