धरने पर बैठ प्रदर्शन करते एएमयू छात्र-छात्राएं
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में शनिवार को सभी पाठ्यक्रमों में 36 फीसदी शुल्क बढ़ोतरी पर विद्यार्थी भड़क गए। उन्होंने बाब-ए-सैयद को बंद कर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्यों से उनकी नोकझोंक हो गई। छात्र-छात्राओं ने नारेबाजी भी की।
इंतजामिया ने आठ साल बाद शुल्क बढ़ाया है। इसको लेकर विद्यार्थियों में जबर्दस्त गुस्सा दिखा। दोपहर 12 बजे छात्र-छात्राएं बाब-ए-सैयद (गेट) पर आ गए। उन्होंने अपने गुस्से का इजहार करते हुए गेट बंद कर दिया। गेट बंद होने की खबर प्राॅक्टोरियल टीम आ गई। टीम के सदस्यों ने गेट खुलवाना चाहा लेकिन विद्यार्थी भड़क गए है। उन्होंने कहा कि जब तक शुल्क बढ़ोतरी का आदेश वापस नहीं लिया जाता आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान नोकझोंक भी हुई। इसके बाद विद्यार्थी धूप में ही गेट पर बैठ गए।
छात्रा सना मुबीन ने कहा कि शुल्क बढ़ाकर इंतजामिया ने हम पर एक और जुल्म किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में आकर कुलपति ने तानाशाही रवैया अख्तियार कर रखा है। हम सबकी आवाज न उठ पाए, इसलिए छात्रसंघ का चुनाव नहीं कराया जा रहा है। छात्र मोहम्मद जुनैद ने कहा कि 36 फीसदी शुल्क वृद्धि गलत है। यूनिवर्सिटी में अचानक फैसले लिए जा रहे हैं। छात्र अहद ने कहा कि जो उन्हें नोटिस भेजे गए हैं उनमें शुल्क काफी बढ़े हुए हैं। लगभग चार घंटे प्रदर्शन के बाद छात्र बाब-ए-सैयद से शाम चार बजे चले गए।
पाठ्यक्रमों में शुल्क वृद्धि की गई है। इसके विरोध में विद्यार्थियों ने बाब-ए-सैयद पर धरना दिया था। उनकी मांगों से परीक्षा नियंत्रक और उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।-प्रो. मोहम्मद वसीम अली, प्रॉक्टर, एएमयू