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जबरन धर्मांतरण प्रकरण में मुकदमे के आदेश

Sun, 19 Jun 2016 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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जलाली के चर्चित कथित धर्मांतरण प्रकरण में हरदुआगंज थाने में अब तक कोई तहरीर नहीं पहुंची है। जिससे पुलिस ने इस प्रकरण को समाप्त मान लिया है। पति और पत्नी दोनों अलग अलग अपने घरों में हैं। पुलिस की राय में अब ये प्रकरण परिवार न्यायालय का है, दोनों पक्षों को वहीं पर अपना अपना प्रार्थना पत्र देना चाहिए, ताकि सुनवाई हो सके। पीड़ित पति ने इस मामले में एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार की है ताकि उसे इंसाफ मिल सके। उधर, शाम को हरदुआगंज के जलाली निवासी युवक के जबरन धर्मांतरण मामले में तीन दिन से भटकने के बाद शनिवार शाम एसएसपी के आश्वासन पर कुछ राहत मिली है। जबरन धर्मांतरण कराने वालों पर मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन एसएसपी ने दिया है।
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इधर, अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव पूजा शकुन पांडेय, जयवीर शर्मा, डा. कैलाश वर्मा, मनीष चौहान, शीलेंद्र सिंह, सचिन शर्मा, सुभाष गोस्वामी, हिमांशु, जिलाध्यक्ष जितेंद्र पाल सिंह सोनू, अभिषेक सिंह ने शनिवार को इस प्रकरण में पीड़ित पति को मीडिया से मुखातिब कराया। जिसमें पति ने आरोप लगाया कि दूसरे समुदाय में विवाह करने की उसे सजा दी जा रही है। पत्नी और उसकी चार बेटियों को उससे मिलाने के लिए कुछ लोगों ने उसे ऊपरकोट बुलाया था। उस वक्त उसकी पत्नी को भुजपुरा में रखा गया था। भुजपुरा से उसकी पत्नी को ऊपरकोट में रखा गया। यहीं पर धर्म के कुछ ठेकेदारों ने बुलाकर जबरन शारीरिक परिवर्तन करा दिया गया। जिसके लिए एक जर्राह को बुलाया गया था। चार लोगों ने उसके हाथ पैर पकड़ लिए थे। बाद में उससे दूसरे धर्म के अनुसार इबादत करने को कहा गया लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद दबंग युवकों ने उसे ये कह कर वहां से भगा दिया कि उसे अब जिंदगी भर दूसरे समुदाय की महिला से शादी करने की सजा भुगतनी होगी। पति की मानें तो पत्नी को कुछ लोगों ने ऊपरकोट पर ही रखा है। जलाली निवासी सुनील शनिवार शाम हिन्दू महासभा के अशोक पांडे व गजेन्द्र पाल सिंह आर्य एसएसपी से मिलने पहुंचा। इस दौरान मामले में गंभीरता दिखाते हुए एसएसपी ने तत्काल मुकदमा व गिरफ्तारी के आदेश इलाका पुलिस को दिए हैं।

मै दूसरी शादी  नहीं करूंगी..
जलाली प्रकरण में पीड़ित पत्नी का कहना है कि उसने 16 जून 2006 को हिंदू रीति रिवाज से मनमर्जी से शादी की थी। बेटियों का जन्म होने के साथ ही स्थिति बिगड़ती गई। जलाली में रहते हुए ही मेरा पति शराब का आदी हो गया और रोज मारपीट करने लगा। 23 अप्रैल 2015 को मुझे आग लगा कर मारने का प्रयास हुआ। 25 अक्तूबर 2015 को फिर मुझे मारापीटा गया। इसके बाद मैं एसएसपी और डीआईजी से भी मिली लेकिन अब तक मुझे कोई राहत नहीं मिली। मैं अपनी इच्छा से किराये के घर में रह रही हॅूं मेहनत मजदूरी कर अपनी चार बेटियों को पाल रही हूं। मुझे अब दूसरी शादी नहीं करनी है। युवक ने मेरे धर्म के अनुसार अपना शारीरिक परिवर्तन कब कराया इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है।
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