नए एटीआई ( सहायक यातायात निरीक्षक ) की तैनाती
- ओमवीर सिंह - अलीगढ़
- राकेश कुमार शर्मा - अतराैली
- उमेश कुमार - बुद्ध विहार
- विनोद कुमार सेंगर - हाथरस
- सुनील कुमार - हाथरस
- रामखिलाड़ी - क्षेत्रीय कार्यशाला
छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई, बड़े अफसरों को राहत
अलीगढ़-वल्लभगढ़ मार्ग पर 16 मार्च को बुद्धविहार डिपो की रोडवेज बस में 62 यात्रियों के बिना टिकट मिलने के मामले में विभागीय कार्रवाई पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके निगम मुख्यालय ने इतिश्री कर दी है, जबकि बड़े अफसरों को राहत दे दी गई है। हालांकि बिना टिकट यात्रा कराने का खेल कब से चल रहा था और अब तक रोडवेज को कितना राजस्व घाटा हुआ..? इसका आकलन नहीं हुआ है। इस मामले में संबंधित बस के चालक-परिचालक की संविदा समाप्त करने के साथ ही चेकिंग दल के एक टीआई, चार एटीआई व दो चालकों समेत नाै कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि पूरे मामले में जांच चल रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी हो रही है।
विभाग को राजस्व का लगाया जा रहा चूना
अलीगढ़ में इतनी बड़ी संख्या में रोडवेज बसों में बिना टिकट पकड़े जाने का यह पहला मामला नहीं हैं। इसी तरह करीब आठ साल पहले 21 अगस्त 2018 को अलीगढ़ -मथुरा मार्ग पर कस्बा इगलास के पास एसटीएफ ( स्पेशल टास्क फोर्स ) ने एक गिरोह के 11 लोगों को गिरफ्तार कर पर्दाफाश किया था। यह गिरोह रोडवेज बसों में फर्जी टिकटों के माध्यम से हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व को चूना लगा रहा था। इस पूरे मामले में अलीगढ़ के तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक, अलीगढ़-हाथरस के दो सहायक प्रबंधक व तीन टीएस को निलंबित किया गया था।