गुलाबी मौसम के साथ ही ठंड ने दस्तक दे दी है। अगले माह से कोहरा पड़ने की संभावना जताई जा रही है। इसको लेकर डीएम ने कोहरे में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को लेकर संबंधित विभागों को चेताते हुए कहा है कि अगर किसी भी विभाग की लापरवाही से कोई दुर्घटना सामने आती है तो संबंधित अधिकारी कार्रवाई झेलने को तैयार रहें। शासन को लिखा पढ़ी कर अधिकारी पर मुकदमा तक दर्ज करा दिया जाएगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि शीतलहर एवं घने कोहरे के कारण अधिकांश क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाएं, अग्निकांड आदि अनेक प्रकार की घटना हो सकती हैं। ऐसे में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण, एनएचएआई के अधिकारी सड़कों को गड्ढा मुक्त करते हुए डिवाइडर की मरम्मत एवं मानक के अनुसार उनका रंगरोगन कराएं। विभिन्न प्रकार की सड़कों की सतह का आकलन करने सहित, गतिरोधक, जेब्रा क्रासिंग आदि पर पेंटिंग कराई जाए। ब्लैक स्पॉट को सूचीबद्ध करते हुए रक्षात्मक कार्य पूर्ण कराएं। परिवहन विभाग सभी वाहनों में नारंगी रंग के चेतावनी स्टीकर लगवाए। पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए नगर निगम एवं पावर कारपोरेशन लिमिटेड को निर्देश दिए कि प्रमुख मार्गों, सड़कों एवं मोहल्लों में स्थापित प्रकाश बिंदुओं को ठीक कराया जाए।
जिले में कंबल वितरण के लिए नगर निगम, समस्त एसडीएम एवं बीडीओ को निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण स्थानों पर अलाव जलाया जाएं और संगठनों व समाजसेवियों को प्रोत्साहित कर अलाव जलवाने के साथ ही कंबल वितरण भी कराएं। रेन बसेरों की साफ-सफाई पूर्ण कराते हुए उन्हें 24 घंटे खोला जाए। स्वास्थ्य विभाग सर्दी-जुकाम, बुखार एवं पेट संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए समस्त पीएचसी, सीएचसी एवं जिला मुख्यालय पर चिकित्सकों की तैनाती और दवाओं की उपलब्धता पूरी करे। निजी चिकित्सालयों में भी बेड आरक्षित रखे जाएं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि सर्दी के मौसम में पशुओं के बच्चों में निमोनिया, डायरिया, खुरपका-मुहंपका की बीमारी का प्रकोप रहता है, इनसे बचाव के सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएं। सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों को ठंड से बचाव की एडवाइजरी जारी करते हुए उन्हें खान-पान के विषय में प्रशिक्षित किया जाए।