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Aligarh News: गभाना में खाद के अवैध कारोबार का खुलासा, दो के खिलाफ रिपोर्ट

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कार्रवाई करती हुई विभाग की टीम स्रोत विभाग
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अलीगढ़। गभाना क्षेत्र में कृषि विभाग की टीम ने उर्वरक के अवैध कारोबार का खुलासा किया है। गुप्त सूचना के आधार पर जिला कृषि अधिकारी धीरेन्द्र सिंह चौधरी ने टीम के साथ एक गोदाम पर छापा मारा। यहां डीएपी और पोटाश के 67 बैग मिले। उर्वरकों के नकली होने के संदेह में तीन नमूने लिए गए हैं। वहीं, बिना वैध लाइसेंस और बिल के उर्वरक का कारोबार करने के मामले में दो लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
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जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र चौधरी के अनुसार, इनफोर्समेंट टीम के साथ गभाना स्थित मेसर्स बाबा मोहनराम फर्टिलाइजर्स के गोदाम पर जांच की गई। जांच में सामने आया कि हीरापुर निवासी संजय सिंह उर्फ संजू का गोदाम किराये पर लेकर कोमला निवासी मुनेश कुमार उर्वरक का कारोबार कर रहा था। गोदाम में आईपीएल कंपनी की डीएपी के 12 बैग और पोटाश के 43 बैग मिले। इसके अलावा कोमला गांव में डीएपी के 12 बैग और मिले। इस तरह कुल 24 बैग डीएपी और 43 बैग पोटाश बरामद हुए।
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न बिल मिला, न बिक्री का प्राधिकार पत्र

जिला कृषि अधिकारी के अनुसार जांच के दौरान मुनेश कुमार से उर्वरक की आपूर्ति से संबंधित बिल मांगे गए, लेकिन वह कोई बिल प्रस्तुत नहीं कर सका। उसके पास उर्वरक बिक्री का वैध प्राधिकार पत्र भी नहीं मिला। मुनेश ने लिखित बयान में बताया कि उसे डीएपी और पोटाश की आपूर्ति गभाना क्षेत्र के सुमेरा निवासी बनी सिंह उर्फ बुद्धपाल ने की थी।
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उर्वरकों की गुणवत्ता पर संदेह होने के कारण विभागीय टीम ने तीन नमूने लिए हैं। गोदाम में रखे उर्वरक के स्टॉक को सील कर मुनेश कुमार की सुपुर्दगी में दे दिया गया। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि बिना वैध प्राधिकार पत्र के उर्वरक का कारोबार करना उर्वरक नियंत्रण संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन है। इस मामले में आपूर्तिकर्ता बनी सिंह उर्फ बुद्धपाल निवासी सुमेरा और विक्रेता मुनेश कुमार निवासी कोमला के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति बिना पीओएस मशीन के अनधिकृत रूप से उर्वरक बेच रहा है या उसकी आपूर्ति कर रहा है तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें।
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