अचलेश्वर महादेव मंदिर की दीवार ढहने के बाद शहर की राजनीति गरमा गई है। बजरंग दल के साथ ही पूर्व महापौर शकुंतला भारती एवं कुछ भाजपा नेता इस घटना के लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। नगर निगम के अधिकारियों पर फोन नहीं उठाने का आरोप भी लग रहा है।
स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत करीब 25 करोड़ों की लागत से अचल सरोवर का सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। अचल सरोवर के आसपास करीब 40 धार्मिक स्थल एवं छोटे-बड़े भवन हैं। इसमें कई में दरारें भी पड़ी हैं। बजरंग दल के संयोजक गौरव शर्मा एवं पूर्व महापौर शकुंतला भारती ने इस घटना के लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया है। चेतावनी दी है कि इसमें लापरवाही हुई तो चुप नहीं बैठेंगे। शकुंतला भारती कहती हैं कि 500 साल पुराने मंदिर में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। नगर निगम के अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं।
अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा के महानगर मीडिया प्रभारी अजय गुप्ता ने कहा कि अचलेश्वर महादेव मंदिर हिंदू समाज का आस्था का केंद्र है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। भाजपा नेता राहुल चेतन ने कहा कि पूरे घटना की जानकारी मुख्यमंत्री को देंगे और दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। संस्कार भारती के जिला संयोजक भुवनेश आधुनिक ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी जनता की भावनाओं से खेल रहे हैं। स्थानीय निवासी अजय लिथो का कहना है कि करोड़ों की लागत से करीब डेढ़ साल से चल रहे सौंदर्यीकरण का काम कही दिखाई नहीं दे रहा है। आखिर करोड़ों रुपये कहां गए। भाजपा नेता मानव महाजन ने कहा कि प्राचीन अचलेश्वर महादेव मंदिर का एक हिस्सा ढहना शर्मनाक है।