शहर के बीचोबीच एक मात्र धार्मिक एवं रमणीक स्थल अचल सरोवर का सौंदर्यीकरण हो रहा है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत ये कार्य कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था के बेतरतीब निर्माण कार्य से सरोवर की हजारों मछलियां मर चुकी हैं और बची हुई मरने की कगार पर पहुंच गई हैं। इन मछलियों को एक तरफ जल संचय कर बचाया जा सकता था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
पानी की मात्रा बहुत कम होने से सरोवर में आसपास के कुत्ते स्नान कर गरमी से राहत पा रहे हैं। ये नजारा देख कर स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। वर्ष 2019 में हुई सरयूपार लीला में इस सरोवर का मनोरम दृश्य सोशल मीडिया से अखबारों तक छाया, लेकिन अब यहां कोई भी कुछ देर खड़े तक नहीं होना चाहता है। हाल ही में श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर का एक हिस्सा टूट कर सरोवर में समा चुका है, इससे भी व्यवधान पैदा हुआ है। सरोवर के चाराें ओर हुए छोटे-छोटे निर्माण कार्यों ने भी समस्या को बढ़ाया है।