नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 15 दिसंबर 2019 को हुए बवाल में आरोपी छात्र नेता आमिर मिंटोई को मंगलवार की रात अदालत से जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया। आमिर मिंटोई को महामारी के चलते हुए लॉकडाउन में मेडिकल कॉलेज परिसर के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। विश्वविद्यालय के छात्र नेताओं ने आमिर मिंटोई की रिहाई का स्वागत किया है।
एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा है कि आमिर मिंटोई घटना वाली रात को भी छात्रों को समझा रहे थे। वह किसी भी उपद्रव में शामिल नहीं हैं। इसके अलावा लॉकडाउन में भी वह जरूरतमंदों को भोजन वितरण का काम कर रहे थे। आमिर मिंटोई को विद्वेष के चलते गिरफ्तार किया गया। अदालत में यह सभी बातें साफ की गईं। जिसके बाद अब आमिर मिंटोई को रिहा कर दिया गया है। हम न्यायालय के इस कदम का स्वागत करते हैं आमिर मिंटोई एएमयू में हुए बवाल के मुख्य मुकदमे में वांछित रहे हैं। इन्हीं मुकदमों के आधार पर उनके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई भी की गई थी। जिला बदर होने के बाद भी लॉकडाउन में शहर की सीमा में पाए जाने पर आमिर मिंटोई को गिरफ्तार कर लिया गया था। उस समय आमिर मिंटोई की गिरफ्तारी के बाद जेएन मेडिकल की इमरजेंसी पर छात्रों ने हंगामा भी किया था। जिन्हें बाद में समझा कर शांत किया गया। आमिर पर 2015, 2016, 2017 में एएमयू में हुए हंगामे में पहले से ही 4 मुकदमे और दर्ज हैं।