फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh News: हजियापुर डेयरी पर सिपाहियों से रायफल लूटकांड के आरोपी बरी

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के टप्पल क्षेत्र में हजियापुर डेयरी के पास वर्ष 2006 के बहुचर्चित पुलिस के दो सिपाहियों को घायल कर रायफल लूट की घटना में पुलिस कहानी कमजोर साबित हुई। अपर सत्र न्यायालय ने 17 वर्ष बाद पुलिस की कमजोर कहानी और माल बरामदगी के तथ्यों के आधार पर घटना के सभी आरोपियों को बरी कर दिया। खास बात है कि अदलात ने यहां तक मत व्यक्त किया है कि या तो यह घटना हुई नहीं और अगर हुई तो इस कथानक के अनुसार नहीं। वहीं इस घटना में पुलिस की लूटी गईं दो रायफल व 50 कारतूस आज तक बरामद नहीं हुए।
विज्ञापन


इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता बलवीर सिंह ने बताया कि घटना 26 अप्रैल 2006 की बताई गई है। मुकदमे के अनुसार वादी मुकदमा टप्पल की जट्टारी चौकी के सिपाही शाबिर अली ने कहा कि वह अपने साथी सिपाही रामस्नेही संग रात में सरकारी रायफलें और 25-25 कारतूस लेकर कमालपुर पिकैट पर जा रहे थे। तभी हजियापुर डेयरी के पास सात-आठ बदमाशों ने पीछे से हमला बोला और इस दौरान मारपीट कर दोनों की रायफलें, कारतूस, मोबाइल, जेब से नकदी, आदि लूट ले गए। इस घटना में रामस्नेही मौके पर बेहोश हुआ, जबकि शाबिर अली ने बाइक से दौड़कर चौकी जाकर सूचना दी।

इस सूचना पर थाने में डकैती की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। कई माह के प्रयास के बाद सितंबर 2006 में पुलिस ने गांव सालपुर के मोहर सिंह नाम के एक बदमाश को पकड़ा और उसकी निशानदेही पर एक खेत से लूटा गया पर्स बरामद कराया। मगर रायफल व कारतूस नहीं मिले। बाद में न्यायालय में सालपुर के मोहर सिंह, उदयवीर उर्फ उदयपाल, बांके, बंगारी उर्फ वीरपाल, गौरोला के मोहन पंडित, बरकी गढ़ी के जयसिंह व जगवीर सिंह के खिलाफ चार्जशीट दी। अधिवक्ता के अनुसार न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान पुलिस के गवाह पेश किए गए। बाकी पब्लिक का या चश्मदीद कोई गवाह नहीं था। माल बरामदगी पर भी कोई मजबूत साक्ष्य नहीं पेश किया गया। इस आधार पर अदालत ने मामले में सभी आरोपी बरी कर दिए। इस दौरान एक आरोपी बांके के अलावा जुगनू व एक अन्य की मौत हो गई।
विज्ञापन


इस कांड में गाजियाबाद में हुई थी मुठभेड़
इस घटना में रायफल बरामदगी के लिए पुलिस ने एड़ी चोटी का जोर लगाया था। पुलिस टीम ने बदमाशों का पीछा करते हुए गाजियाबाद में मुठभेड़ तक की। मगर आज तक रायफल बरामद नहीं हो सकीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें