नगर निगम कर्मचारी दीपू कांति की हत्या के आरोप में पुलिस ने महिला और उसके भाई को गिरफ्तार किया है। जुर्म कबूल करते हुए महिला ने बताया कि दीपू के साथ उसके अवैध संबंध थे। दीपू ने उसकी अश्लील वीडियो बना ली थी और लगातार उसको ब्लैकमेल कर रहा था। बेटी पर भी नियत खराब थी। इससे परेशान होकर महिला ने अपने बड़े भाई की मदद से दीपू कांति की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू और मृतक की स्कूटी को बरामद कर लिया है।
एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में प्रेस वार्ता में बताया कि नौ दिसंबर को शीशियापाड़ा निवासी नगर निगम कर्मचारी दीपू कांति पुत्र विनोद कांति का शव गांव कमालपुर के पास नाले में पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ था कि दीपू की गला रेतकर और सिर में चोट पहुंचाकर हत्या की गई है। मृतक के भाई रोबिन कांति की तहरीर पर जय किशोर पुत्र दुर्गा प्रसाद, उसकी पत्नी यशोदा निवासी कबीर नगर, नई आबादी, पला साहिबाबाद, थाना सासनी गेट और यशोदा के बड़े भाई राजू पुत्र दीपचंद निवासी पक्की सराय, खिरनी गेट थाना सासनी गेट के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
एसपी सिटी ने बताया कि मामले की विवेचना थाना गांधी पार्क के प्रभारी इंस्पेक्टर हरि भान सिंह राठौर को सौंपी गई। कॉल डिटेल के आधार दीपू और आरोपी यशोदा की आखिरी लोकेशन एक ही पाई गई। यह भी पता लगा कि दोनों के बीच बातचीत का लंबा सिलसिला है। इसके अलावा पुलिस को और भी महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगे। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के घर पर दबिश दी लेकिन वह वहां पर नहीं मिले। बाद में पुलिस ने गांधी पार्क पुराने रोडवेज बस स्टैंड से यशोदा पत्नी जया किशोर और राजू उर्फ राजकुमार पुत्र दीपचंद को गिरफ्तार कर लिया।
पति से कुछ न कह पाई तो भाई के साथ मिल कर की हत्या
पुलिस की पूछताछ में आरोपी यशोदा ने बताया कि दीपू के दो मकान हैं। एक मकान शीशियापाड़ा में है और दूसरा मकान पला साहिबाबाद में उसके घर के पास ही है। यशोदा ने बताया कि दीपू नगर निगम में नौकरी करता था। एक बार यशोदा ने अपने मकान के लिए नगर निगम में आवेदन किया। इसी के चलते दीपू से उसकी दोस्ती हो गई। धीरे-धीरे यह दोस्ती गहरी हो गई। दीपू उसके पति की गैरमौजूदगी में घर आने-जाने लगा। यशोदा ने बताया कि वह उसके साथ होटल भी जाने लगी। एक महीने में दो या तीन बार होटल जाती थी। दीपू के साथ संबंध हो गए थे। यशोदा ने बताया कि पता नहीं कब दीपू ने उसकी अश्लील वीडियो बना ली। जिसको दिखा कर वह उसको ब्लैकमेल करता था। वो जहां बुलाता, वहां जाना पड़ता था। साथ ही वह आए दिन रुपये की मांग करता था। यशोदा ने बताया कि अब उसकी बेटी भी बड़ी हो रही थी। दीपू उसको भी होटल में लाने के लिए दबाव बना रहा था। इन सब बातों को वह अपने पति को बताना चाहती थी। लेकिन दिल के मरीज पति को परेशान नहीं करना चाहती थी। इसलिए उनसे कुछ नहीं कह पाई। इस सब से तंग आकर एक दिन उसने अपने बड़े भाई राजू को सारी बात बता दी। इसके बाद राजू के साथ उसने दीपू की हत्या की योजना बनाई।
मारने से पहले होटल में डेढ़ बोतल शराब पिलाई थी
पूछताछ में यशोदा ने बताया कि 29 नवंबर को उसने अपने भाई राजू को बताया कि एक दिसंबर को दीपू ने उसे बुलाया है। एक दिसंबर को यशोदा अपनी ससुराल से दोपहर डेढ़ बजे मायके जाने की कह कर खिरनी गेट आ गई। उसने भाई राजू के घर से सब्जी काटने वाला चाकू पर्स में रख लिया। यशोदा ने दीपू को मोबाइल पर कॉल किया और माल गोदाम तिराहे पर मिलने के लिए बुलाया। दीपू स्कूटी से वहां आ गया। यशोदा उसकी स्कूटी पर बैठकर सारसौल चौराहे स्थित होटल नीलकंठ पहुंची और कमरा नंबर 204 में ठहरी। होटल में दीपू ने करीब डेढ़ बोतल शराब पी ली। दीपू को नशा ज्यादा होने पर यशोदा ने रिसेप्शन पर फ ोन कर रात 12 बजे अपने भाई को बुलाने की बात कही।
कुछ ही देर में यशोदा का भाई राजू होटल नीलकंठ पहुंच गया। दीपू को स्कूटी में बैठाया और यशोदा को पीछे। तीनों एटा चुंगी होकर कमालपुर रोड पर दो किलोमीटर आगे पंचम वाटिका के गेट के सामने पहुंचे। यहां नाले के साइड में बनी पुलिया पर दीपू को बैठा दिया। यशोदा दीपू को पकड़े रही, जबकि राजू ने उसके सिर पर्र इंटों से वार किया। इसके बाद भी जब दीपू नहीं मरा तो तो यशोदा ने पर्स में से चाकू निकालकर अपने भाई को दे दिया। राजू ने दीपू का गला रेत दिया। जब वह मर गया तो उसका शव नाले में फेंक दिया। वारदात के बाद दोनों एटा चुंगी होते हुए अचलताल आए। यहां कुछ देर रुक कर सासनी गेट स्थित राजू के घर पहुंचे। वहां पर स्कूटी को अंदर खड़ा कर दिया। चाकू को पानी से धोकर अलमारी में रख दिया। दीपू का पर्स भी अलमारी में रख दिया गया। यशोदा ने बताया कि दीपू के मोबाइल को उसने वापस आते समय सासनी गेट के पास देव हॉस्पिटल के नजदीक गहरे नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, स्कूटी, पर्स, आधार कार्ड और सौ रुपये आदि बरामद कर लिए है। आरोपियों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।