रहसूपुर गांव में सोमवार रात हुई ममेरे भाई देवराज उर्फ देवू की हत्या के आरोपी बंटी को पुलिस ने बुधवार को न्यायालय में पेश किया और वहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी लगातार एक ही बात दोहराता रहा कि देवू उसके विरोधियों से मिल गया था और उससे उसे जान को खतरा बना हुआ था। घटना से पहले भी दो लोगों ने उसका दरवाजा खटखटाया था।
विजयगढ़ के गांव भटौली निवासी देवराज उर्फ देवू सोमवार को शाम रहसूपुर में अपने फुफेरे भाई बंटी के यहां आया था, जहां रात में बंटी ने उसे पहले गोली मारी, फिर फरसे से गला काट दिया था।
पुलिस के अनुसार बंटी मूलरूप से थाना पहासू जिला बुलंदशहर का रहने वाला है और 17 साल पहले वहां हुई एक युवक की हत्या में जेल गया था। इस मामले में वह करीब ढाई साल पहले सजा काटने के बाद जेल से रिहा हुआ और उसके बाद अपने पैतृक गांव की संपत्ति बेचकर ससुराल रहसूपुर में बस गया था। जेल में सजा काटने के दौरान उसने हैंडलूम का काम सीखा था और जेल से मिली मशीन घर पर लगा रखी थी।
सीओ राजीव द्विवेदी ने बताया कि पुलिस पूछताछ में आरोपी लगातार यही बात दोहराता रहा है कि रिहा होकर आने के बाद दूसरे पक्ष के लोग उसकी हत्या कराना चाहते थे, जिसके चलते उसने अपनी संपत्ति बेच दी थी। उसका ममेरा भाई देवू विपक्षियों से मिला हुआ था और अक्सर अपने साथ अजनबी लोगों के लेकर गांव आता-जाता रहता था।
सोमवार को घटना की रात देवू साढ़े आठ बजे करीब घर आया था, जो अपने साथ शराब लेकर आया था, दोनों ने शराब पीकर खाना खाया। बंटी ने बताया कि घटना से पहले रात में दो अजनबी लोगों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन उसने दरवाजा नहीं खोला। इससे उसे यकीन हो गया कि देवू उसे मरवा देगा, तो अपनी जान बचाने के लिए उसने देवू को मार डाला। हालांकि परिजनों ने उधारी की रकम को लेकर हत्या करने की बात कही है। सीओ ने बताया कि उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। इसी आधार पर उसे जेल भेज दिया गया है। महिला से अनैतिक संबंध और अन्य बिंदुओं पर जांच चल रही है,जो भी स्थिति सामने आएगी, उसे विवेचना में शामिल किया जाएगा।