अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 की तीसरी लहर से निपटने के इंतजामों के क्रम में एयर कंडीशनर (एसी) कमरों से लेकर डीलक्स, वीआइपी, छात्रों और शिक्षकों के लिए विशेष कक्ष तैयार किए गए हैं। सोमवार को इन व्यवस्थाओं का कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने जायजा लिया।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर हारिस एम खान ने बताया कि अस्पताल में कक्ष संख्या 6, 7, 8, 9, 10, 11, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26 और 27 को एयर कंडीशनर कमरों के रूप में तैयार किया गया है। कक्ष संख्या 12, 13 और 14 को डीलक्स और कक्ष संख्या 16, 17, 18 और 19 को वीआईपी कमरे के रूप में तैयार किया गया है। कक्ष संख्या 15 को शिक्षकों के लिए और कक्ष संख्या 28, 29 व 30 को छात्रों के लिए बनाया गया है। सोमवार को कुलपति ने कोविड-19 लिए निर्धारित आईसीयू और वार्ड का निरीक्षण किया। यहां पर 100 में से 60 बेड ऑक्सीजन पैनल से युक्त हैं। ऑक्सीजन से जुड़े 50 बेड पीडियाट्रिक आईसीयू के हैं।
इसके बाद कुलपति ने नए ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। कुलपति ने कहा कि महामारी के खिलाफ लड़ाई में मेडिकल ऑक्सीजन एक जरूरी वस्तु है। इसलिए हमने बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए कड़ी मेहनत की है। ऑक्सीजन की आपूर्ति से जुड़े आईसीयू में बेडों की बढ़ती संख्या के साथ हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ऑक्सीजन की कमी से किसी रोगी की मृत्यु न हो।
कुलपति ने कहा कि हमने विशेष रूप से बाल चिकित्सा इकाइयों में बेड और अन्य सुविधाएं बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है, क्योंकि विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि तीसरी लहर बच्चों पर ज्यादा प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर हरिस एम खान ने बताया कि ऑक्सीजन आपूर्ति से जुड़े 15 बेड कोविड-19 संक्रमित गर्भवती महिलाओं के लिए हैं। आईसीयू में दो आइसोलेशन बेड हैं।
तरल ऑक्सीजन पर निर्भरता कम
ऑक्सीजन गैस प्लांट के नोडल अधिकारी उवैद ए सिद्दीकी ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट की आपूर्ति के बाद अब तरल ऑक्सीजन पर निर्भरता कम हो गई है। आईसीयू और कोविड वार्ड को सीधे ऑक्सीजन की आपूर्ति से जोड़ कर आत्मनिर्भर बना दिया है।
जून में जर्मनी से मंगाया गया उच्च क्षमता वाला ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट शुरू किया गया था, जिसका उद्घाटन कुलपति ने किया था। यह एक बार में 250 रोगियों को प्रति मिनट 874 लीटर ऑक्सीजन की आपूर्ति करने में सक्षम है। यूनिट में 2 पीएएस जनरेटर, 2 कंप्रेशर और 550 लीटर की क्षमता वाला एक एयर टैंक लगा हुआ है। 3000 लीटर की ऑक्सीजन का स्टोरेज टैंक भी है। सोमवार से स्पेशल बोर्ड में भी काम करना शुरू कर दिया है।
- प्रोफेसर हारिस एम खान, चिकित्सा अधीक्षक