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अलीगढ़ : घर में एसी और कार, गरीबों का राशन रहे डकार

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केस - 1
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धनीपुर ब्लॉक के कमालपुर गांव निवासी परिवार के पास करीब 45 बीघा जमीन, ट्रैक्टर व कार है लेकिन परिवार गरीब बनकर हर माह मुफ्त राशन ले रहा था। परिवार के सदस्य प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम करते हैं। पूर्ति विभाग ने राशन कार्ड निरस्त करते हुए अब तक लिए गए राशन की रिकवरी की तैयारी कर ली है।
केस - 2
अतरौली ब्लॉक के नरौना अकापुर के एक परिवार की महिला के नाम पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड बना हुआ था, जबकि परिवार के पास 60 बीघा से अधिक जमीन है और उनकी सालाना आय चार लाख से अधिक है। इसके बाद भी परिवार हर माह राशन ले रहा था। अब इनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया है।
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केस - 3
चंडौस ब्लॉक के गांव ओगीपुर निवासी महिला के नाम पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड बना हुआ था। घर में दो कारों के अलावा एक ट्रैक्टर समेत सुख-साधन की सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसके बाद भी परिवार हर माह मुफ्त राशन ले रहा था। पूर्ति विभाग ने जांच के बाद राशन कार्ड को निरस्त कर दिया है।
केस - 4
लोधा ब्लॉक के कस्बा लोधा में महिला के नाम पात्र गृहस्थी राशन कार्ड बना था। घर में एसी, ट्रैक्टर, कार, जनरेटर आदि सुविधाएं हैं। इसके बाद भी वे गरीब बनकर सरकारी राशन को मुफ्त में ले रहे थे। इनका राशन कार्ड भी निरस्त कर दिया गया है। अब इनसे भी राशन की रिकवरी की तैयारी है।
ये तो चंद उदाहरण हैं। जिले में सुविधा संपन्न लोग राशन कार्ड बनवाकर गरीबों का हक मार रहे हैं। शासन के निर्देश पर जिला पूर्ति विभाग ने ऐसे लोगों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। पिछले दो माह में 7862 अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। बहुमंजिला मकान, एसी, कार, ट्रैक्टर और सुख-सुविधा संपन्न इन परिवारों ने फर्जी कागजात से राशन कार्ड बनवा लिए थे। जिला पूर्ति विभाग के सत्यापन अभियान का असर ये हुआ कि अब तक 300 लोग अपने राशन कार्ड सरेंडर कर चुके हैं। विभाग का कहना है कि मई के अंतिम सप्ताह तक अपात्र लोग अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दें। सत्यापन में पकड़े जाने पर जून से में इन लोगों को नोटिस भेजकर राशन की माहवार रिकवरी की जाएगी।
गौरतलब हो कि करीब दो साल से केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से राशन कार्ड धारकों को मुफ्त राशन बांटा जा रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से चावल, रिफाइंड तेल, चना व नमक तो केंद्र सरकार की ओर से गेहूं व चावल का वितरण होता है।
ये हैं मानक
शासन ने मुफ्त राशन पाने वालों के लिए मानक तय कर रखे हैं। राशन कार्ड के लिए कुष्ठ रोग व कैंसर से पीड़ित परिवार, बेसहारा, कचरा ढोने वाले, भिक्षावृत्ति, घरेलू कामकाज करने वाली गरीब महिलाएं, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार, निराश्रित महिला, दिव्यांग या मानसिक रूप से बीमार लोगों को वरीयता दी जाती है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के अंत्योदय कार्ड बनाए जाते हैं, जबकि इनसे ऊपर वालों के पात्र गृहस्थी कार्ड बनाए जाते हैं।
ये है अपात्रता की श्रेणी
पात्र गृहस्थी कार्ड वह लोग नहीं बनवा सकते हैं, जिनके पास ग्रामीण क्षेत्र में बहुमंजिला भवन, आयकर दाता, घर में कार, ट्रैक्टर, एसी, पांच एकड़ से अधिक जमीन, ग्रामीण क्षेत्र में परिवार की दो लाख से अधिक की सालाना आय, जबकि शहरी क्षेत्र में 100 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल का मकान, कार, ट्रैक्टर, एसी, शस्त्र लाइसेंस धारक, आयकर दाता आदि हैं।
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जून से शुरू होगा रिकवरी अभियान
राशन कार्ड का दुरुपयोग रोकने के लिए पात्र-अपात्र श्रेणी के कार्डधारकों का सत्यापन कराने के साथ ही अपात्रों से कार्ड सरेंडर करने के लिए कहा गया है। अब तक अपात्रता की श्रेणी में आए आठ हजार से अधिक राशन कार्ड निरस्त हो चुके हैं। 300 से अधिक अपात्र अपने कार्ड सरेंडर कर चुके हैं। मई के अंतिम सप्ताह तक राशन कार्ड सरेंडर करने का वक्त दिया गया है। इसके बाद जून से अपात्रों के खिलाफ रिकवरी अभियान शुरू किया जाएगा।
- शिवाकांत पांडेय, जिला पूर्ति अधिकारी
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