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Exclusive: घर पर पहुंचेगी पशुओं की एसी एंबुलेंस, डॉक्टर-कंपाउंडर होंगे उसमें, 1692 पर कॉल करने पर आएगी

Sun, 26 Mar 2023 05:42 PM IST
चमन शर्मा चमन शर्मा

सार

पशु एंबुलेंस वातानुकूलीत यानी एसी होगी। इसमें एक डॉक्टर, एक कंपाउंडर और एक ड्राइवर होगा। इसमें ही पशु के इलाज के लिए जरूरी इंजेक्शन और दवाएं होंगी। इसमें ही छोटे जानवरों के लिए छोटी सी ओटी यानी ओेपरेशन थिएटर भी रहेगा। इसमें ही पशु के गोबर, मूत्र, खून के जांच की सुविधा भी होगी।
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पशु एंबुलेंस का शुभारंभ करते एमएलसी मानवेंद्र प्रताप सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अगर आपके पास कोई पशु जैसे कुत्ता, बिल्ली, खरगोश, गाय, भेंस, खच्चर, बकरी आदि है, उसे अगर चोट लग जाती है या बीमार पड़ जाता है, तो घबराने के जरूरत नहीं है। बस आपको मोबाइल से एक कॉल करना होगा और पशुओं की एसी एंबुलेंस आपके घर पर पहुंच जाएगी। उसमें डॉक्टर और कंपाउंडर होंगे, जो आपके पशु को वहीं पर चिकित्सा देंगे। पूरे यूपी में इस सेवा का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय पशुपालन मंत्री पुरूषोत्तम रूपाला, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, केन्द्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर शुभारंभ कर दिया है।

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पशु एंबुलेंस के लिए 1692 पर करना होगा कॉल
पशु एंबुलेंस को मोबाइल वेटरिनरी यूनिट यानी एमवीयू नाम दिया गया है। किसी के पशु को चोट लगी है या तबियत ज्यादा खराब है और उसे तुरंत चिकित्सा की जरूरत है, तो मोबाइल से हेल्पलाइन नंबर 1692 पर कॉल करनी होगी। कॉल करने के बाद उस क्षेत्र में ड्यूटी पर संचालित पशु एंबुलेंस कुछ ही समय में पशु पालक के घर पर पहुंच जाएगी। 

पशु एंबुलेंस यानी मोबाइल वेटरिनरी यूनिट में होगी यह सुविधा
पशु एंबुलेंस वातानुकूलीत यानी एसी होगी। इसमें एक डॉक्टर, एक कंपाउंडर और एक ड्राइवर होगा। इसमें ही पशु के इलाज के लिए जरूरी इंजेक्शन और दवाएं होंगी। इसमें ही छोटे जानवरों के लिए छोटी सी ओटी यानी ओेपरेशन थिएटर भी रहेगा। इसमें ही पशु के गोबर, मूत्र, खून के जांच की सुविधा भी होगी। बीमार होने पर पशु पालक को पशु चिकित्सालय नहीं जाना पड़ेगा, घर के द्वार पर इलाज मिलेगा।

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यह रहेगा सेवा का समय

पशु एंबुलेंस सेवा का संचालन प्रतिदिन नियत मार्ग पर सुबह 8 बजे से 2 बजे तक किया जाएगा, साथ ही आकस्मिक सेवा सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक होगी। जनपद में इस सेवा के लिए उपमुख्य पशुचिकित्साधिकारी को नोडल अधिकारी भी बनाया जाएगा। 

मनुष्य की एंबुलेंस से ऐसी होगी अलग
मनुष्य की एंबुलेंस और पशु एंबुलेंस में अंतर है। मनुष्य की एंबुलेंस आने पर मरीज को साथ ले जाकर पास के सरकारी चिकित्सालय में इलाज के लिए पहुंचाती है, जबकि पशु की एंबुलेंस आने पर पशु को घर पर इलाज देगी और साथ नहीं ले जाएगी। पशु एंबुलेंस में पशु को बिठाकर नहीं ले जाया जा सकेगा, केवल उसमें डॉक्टर, कंपाउंडर ही बैठेंगे। जहां पशु चिकित्सालय दो किमी के क्षेत्र में हैं, उनमें यह सुविधा नहीं रहेगी।

अलीगढ़ को मिली 13 मोबाइल वेटरिनरी यूनिट
 मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ बीपी सिंह ने बताया कि अलीगढ़ को 13 मोबाइल वेटरिनरी यूनिट मिली हैं, जिनमें से तीन अभी हैं, दस देर रात तक आ जाएंगी। सरकार ने एक लाख की पशु संख्या पर एक यूनिट का प्रावधान रखा है, अलीगढ़ में पशु संख्या 13 लाख है, इसलिए 13 यूनिटें दी गई हैं। एमएलसी डॉ मानवेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा मोबाईल वेटरिनरी यूनिट (MVU) का शुभारंभ फ्लैग आफ कर किया गया।
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