उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार इस नेटवर्क के पकड़े जाने के बाद भी खुफिया इनपुट ये मिला है कि अलीगढ़ को चूंकि पनाहगाह के रूप में घुसपैंठियों द्वारा प्रयोग किया जाता रहा है। साथ में प्रदेश में चल रहे फर्जी आधार कार्ड गिरोह की जड़ें यहां गहरी हैं। इसलिए इस नेटवर्क द्वारा बनाए गए आधार कार्ड जांच की जद में लिए गए हैं। साथ में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी रडार पर लिया गया है। यह भी अंदेशा है कि अन्य लोग भी इस धंधे से जुड़े हो सकते हैं। इन सभी पहलुओं पर एजेंसियों के स्तर से जांच की जा रही है। ताकि इस नेटवर्क द्वारा बनाए गए आधार कार्ड व उनसे जुड़े अन्य प्रमाण पत्र रद्द कराए जा सकें।
इन जिलों के बनाए गए आधार कार्ड
इस नेटवर्क ने अलीगढ़ के साथ साथ पश्चिमी यूपी के हाथरस, बुलंदशहर, कासगंज, एटा, बदायूं, संभल, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर आदि के लोगों के आधार बनाए गए थे।
पंचायत सचिव की आईडी हैककर बने आधार भी जांच की जद में
इस गिरोह के अलावा अपने जिले में बिहार नेटवर्क ने पालीमुकीमपुर क्षेत्र के पंचायत सचिव की आईडी हैककर 597 आधार कार्ड बनाए थे। वे भी जांच की जद में हैं। उनकी जांच कर उन्हें भी रद्द कराया जा सकेगा।
ये आधार फर्जी नहीं, कूटरचित
चूंकि यह आधार कार्ड सरकारी साइटों को हैककर बनाए गए थे। इसलिए इन्हें फर्जी नहीं कहा जा सकता। हां, ये कूटरचित जरूर कहे जा सकते हैं। चूंकि ये गलत तरीके से व गलत लोगों के भी बने हो सकते हैं, इसलिए एजेंसियों द्वारा इनकी गंभीरता से जांच की जा रही है। डेटा संकलन के आधार पर आधार कार्ड चिह्नित कर उन्हें रद्द कराया जाएगा।