28 अगस्त 2017 को किशोरी ताइक्वांडो की कोचिंग करने के बाद पैदल ही घर लौट रही थी। घर से 100 मीटर दूर मंदिर के पास एक लड़के ने जबरन उसका हाथ पकड़ लिया और उसे खींचकर ले जाने लगा। बेटी के शोर मचाने पर कुछ व्यक्तियों ने उसे छुड़ाया।
थाना बन्नादेवी क्षेत्र में एक किशोरी से छेड़खानी करने के मामले में अदालत ने युवक को चार साल की सजा सुनाई है। एडीजे पॉक्सो तृतीय वीरेंद्र नाथ पांडेय की अदालत ने दोषी पर साढ़े दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति देने के लिए कहा गया है।
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बन्नादेवी क्षेत्र के एक इलाके में रहने वाली 13 साल की किशोरी के पिता ने तहरीर देकर कहा कि 28 अगस्त 2017 को उनकी बेटी ताइक्वांडो की कोचिंग करने के बाद पैदल ही घर लौट रही थी। घर से 100 मीटर दूर मंदिर के पास एक लड़के ने जबरन उसका हाथ पकड़ लिया और उसे खींचकर ले जाने लगा। बेटी के शोर मचाने पर कुछ व्यक्तियों ने उसे छुड़ाया। इसके बाद किशोरी रोते हुए घर आई।
आरोपी की पहचान चीनू के रूप में हुई। जब परिजन उसके घर पर शिकायत करने के लिए गए तो उसके परिजन हमलावर हो गए। स्कूल बस के चालक ने बताया कि तीन महीने पहले भी आरोपी ने स्कूटी से किशोरी का पीछा किया था। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए चार्जशीट दाखिल की। विशेष लोक अभियोजक संजय शर्मा व लव बंसल ने बताया कि सत्र परीक्षण, साक्ष्यों व गवाही के आधार पर चीनू को चार साल की सजा सुनाई गई है।