पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव श्मशान गृह में रख कर कार्रवाई न होने तक अंतिम संस्कार न करने का ऐलान कर दिया। आननफानन पुलिस ने नामजदों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया। दोपहर दो बजे के करीब अंतिम संस्कार कर दिया।
तालानगरी क्षेत्र के जारौठी गांव के एक व्यक्ति द्वारा शनिवार को विषाक्त पदार्थ खाकर जान देने के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने नामजद जिला पंचायत सदस्य के पति और एक महिला के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर किया। दोपहर बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वहीं पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
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बता दें कि जारौठी गांव के रामवीर सिंह पुत्र श्रीराम 2 अप्रैल की शाम 5 बजे मोपेड से गांव लौट रहे थे। जटपुरा गांव के निकट पीछे से स्कूटी सवार तीन लड़कों ने मोपेड में टक्कर मार दी। जिसमें रामवीर के चोट आई। रामवीर के चचेरे भाई अशोक का आरोप है कि जब अगले दिन वह रामवीर के साथ रिपोर्ट करने थाने जा रहे थे तो रास्ते में स्कूटी मालिक ममता पत्नी महेन्द्र सिंह निवासी ईशनपुर तथा वीरपाल दिवाकर (जिला पंचायत सदस्य पति) निवासी हरदुआ देहात ने रोक लिया। जबरन फैसला करने का दबाव बनाया।
धमकाया कि एससी एसटी एक्ट के झूठे मुकद्दमे में फंसवा दूंगा। अशोक के अनुसार वीरपाल की धमकी से परेशान होकर रामवीर (45) ने शनिवार को विषाक्त पदार्थ का सेवन कर जान दे दी। रात में ही उन्होंने तहरीर दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इधर, 6 अप्रैल को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव श्मशान गृह में रख कर कार्रवाई न होने तक अंतिम संस्कार न करने का ऐलान कर दिया। आननफानन पुलिस ने नामजदों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया। दोपहर दो बजे के करीब अंतिम संस्कार कर दिया।