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शहीदों का अपमान करने वाला छात्र एएमयू से निष्कासित

Tue, 20 Sep 2016 01:40 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो
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शहीदों का अपमान करने वाला छात्र एएमयू से निष्कासित - फोटो : Dig vishal
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उड़ी सैन्य मुख्यालय पर आतंकी हमले में 17 जवानों की शहादत के बाद फेसबुक पर आपत्तिजनक व राष्ट्रविरोधी टिप्पणी करने वाले एएमयू छात्र मुदस्सिर यूसुफ लोन को एएमयू से निष्कासित कर दिया गया। वहीं पुलिस ने भी आरोपी कश्मीरी छात्र के खिलाफ लोगों की भावनाएं आहत करने व माहौल बिगाड़ने का सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने कहा कि यूनिवर्सिटी बिरादरी छात्र के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करती है। एएमयू परिसर में इस प्रकार की बयानबाजी के लिए कोई स्थान नहीं है। देश की एकता व अखंडता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
रविवार को एएमयू केमेस्ट्री विभाग के आर्गेनिक केमेस्ट्री (एमएससी) थर्ड ईयर के छात्र मुदस्सिर यूसुफ लोन द्वारा फेसबुक पर उड़ी में शहीद 17 जवानों के प्रति घोर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। उसकी जब यह हरकत सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो अलीगढ़ प्रशासन भी चौकन्ना हो गया और एएमयू प्रशासन से छात्र का ब्योरा तलब कर लिया था।
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इसके बाद एएमयू प्रशासन हरकत में आ गया। कुलपति ने सोमवार सुबह केमेस्ट्री विभाग के अध्यक्ष व आरोपी छात्र मुदस्सिर यूसुफ लोन को तलब कर लिया। छात्र द्वारा कुलपति के समक्ष क्षमा याचना की गई, लेकिन कुलपति ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए एएमयू से निष्कासित कर दिया।
मुदस्सिर पुत्र मो. यूसुफ लोन जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा का रहने वाला है। एएमयू में वह एमएम हॉल में रहता है। उसके निष्कासन के बाद पुलिस एवं प्रॉक्टोरियल टीम को एलर्ट कर दिया गया है। हॉल में भी पुलिस टीम पहुंची थी। वहीं कैंपस में आरएएफ के जवान तैनात हैं।
इधर मुदस्सिर के निष्कासन के बाद एएमयू के कश्मीरी छात्रों ने केमेस्ट्री विभाग में बैठक की। हालांकि इसकी सूचना मिलने के तुरंत बाद प्रॉक्टोरियल टीम एवं विभागाध्यक्ष ने उन्हें वहां से हटा दिया। बाद में एएमयू के छात्र नेता अपने समर्थकों के साथ मुदस्सिर के निष्कासन के खिलाफ एएमयू प्रशासनिक ब्लाक पहुंच गए। वे लोग कुलपति से मिलना चाहते थे।
उनका कहना था कि फेसबुक पर धर्म विरोधी बयान देने वाले लोगों के खिलाफ कुछ नहीं होता। मुदस्सिर के बयान के खिलाफ कार्रवाई क्यों कर दी गई। इधर, सांसद सतीश गौतम ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है और एएमयू प्रशासन को पत्र लिखकर कार्रवाई का ब्योरा पूछा है। भाजपा एवं हिंदूवादी संगठनों में एएमयू छात्र की टिप्पणी से आक्रोश है।
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