जम्मू कश्मीर के उड़ी सैन्य मुख्यालय पर फिदायीन हमले में 17 जवानों की शहादत पर रविवार को सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने खुफिया एजेंसियों समेत पुलिस की नींद उड़ा दी। टिप्पणी करने वाले ने खुद की प्रोफाइल जम्मू के रहने वाले एएमयू छात्र के रूप में डाल रखी है।
इसके चलते पुलिस ने एएमयू इंतजामिया से छात्र के संबंध में रिपोर्ट तलब की है। वहीं एक सामाजिक संगठन ने अदालत के माध्यम से इस कथित छात्र पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर रविवार शाम को उड़ी सैन्य मुख्यालय पर हुई घटना के बाद अचानक निंदा-शोक जैसे कमेंट्स और विचार आने लगे। इसी बीच मुदस्सिर यूसुफ नाम के युवक की फेसबुक आईडी से इन 17 मौतों पर बेहद आपत्तिजनक कमेंट आया।
कुछ ही देर में यह कमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसकी फेसबुक प्रोफाइल पर मूल रूप से पता श्रीनगर-जम्मू कश्मीर लिखा है, जबकि इसने खुद को एएमयू का आर्गेनिक केमिस्ट्री विभाग का छात्र बता रखा है। जब सह पोस्ट महानगर के एक वाट्सएप ग्रुप पर वायरल हुई तो लोगों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। साथ ही कानूनी लड़ाई की तैयारी कर ली। इस बीच मामला जानकारी में आते ही पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया है।
पुलिस के मुताबिक यदि वह वाकई एएमयू का छात्र है तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-हमारे सेना के जवान देश के लिए लड़ाई लड़ते हुए शहीद हुए हैं। न कि यह कोई सांप्रदायिक या धर्म की लड़ाई है। एएमयू छात्र मुदस्सिर यूसुफ नाम के युवक की फेसबुक से आए इस कमेंट को हमने अपने अधिवक्ता के पास भेज दिया है। इसे लेकर सोमवार को ही अदालत में शरण ली जाएगी। आरोपी पर कठोर कार्रवाई कराई जाएगी।
-अशोक चौधरी अध्यक्ष आहुति संस्था
-यह प्रकरण संज्ञान में आया है। इसकी प्रोफाइल देखने के बाद यह जानने के लिए एएमयू प्रॉक्टर व कुलपति को पत्र लिखा गया है कि इस नाम का छात्र उनके संस्था का है या नहीं। इसके अलावा सर्विलांस की मदद से भी इस युवक का पता निकालने की कोशिश की जा रही है।
-अतुल श्रीवास्तव एसपी सिटी