गांव मझोला निवासी 58 वर्षीय मोरमुकुट पुत्र रामस्वरूप की नगर कोट, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश में उल्टी-दस्त से हालत बिगड़ गई, जिससे उनकी जान चली गई। सोमवार को गांव में उनके शव का अंतिम संस्कार किया गया।
मोरमुकुट अपने नाती गोविंद सहित गांव निवासी जयप्रकाश, दान देवी व सुभाष के साथ पांच दिन पहले हिमाचल के कांगड़ा स्थित नगरकोट में देवी का दर्शन करने गए थे। वहां गंगा स्नान के बाद उन्हें उल्टी-दस्त शुरू हो गया।
साथ के लोगों ने दवा दिलवाई, जिसके बाद उन्होंने दर्शन किए लेकिन हालत बिगड़ती गई। इस पर उन्हें कांगड़ा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान सोमवार को उनकी मौत हो गई। साथ गए नाती सहित अन्य लोग सोमवार को उनका शव लेकर गांव लौटे जहां अंतिम संस्कार किया गया।