नए संगठन ने एडवोकेट बीडी वर्मा को एल्डर कमेटी का चेयरमैन घोषित किया है। इसके साथ ही एडवोकेट यशवीर सिंह अध्यक्ष, अजय चौहान महामंत्री, योगेश शर्मा कोषाध्यक्ष, विजयपाल वर्मा उपाध्यक्ष बनाए गए हैं।
पिछले दिनों बार चुनाव को लेकर शुरू हुई रार ने यहां वकीलों को दो गुटों में बांट दिया है। 17 जनवरी को सत्येंद्र शर्मा एडवोकेट और भूपेंद्र शर्मा एडवोकेट की अध्यक्षता में वकीलों ने नए बार- दि राजस्व एवं फौजदारी बार एसोसिएशन नाम से नया संगठन बना लिया है। इसमें 136 वकीलों के शामिल होने का दावा किया गया है।
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इस नए संगठन ने एडवोकेट बीडी वर्मा को एल्डर कमेटी का चेयरमैन घोषित किया है। इसके साथ ही एडवोकेट यशवीर सिंह अध्यक्ष, अजय चौहान महामंत्री, योगेश शर्मा कोषाध्यक्ष, विजयपाल वर्मा उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। संयुक्त सचिव, वरिष्ठ कार्यकारिणी, कनिष्ठ कार्यकारिणी सहित संरक्ष के 11 पद पर चयन की घोषणा शपथ ग्रहण से पहले कर दी जाएगी। इस दौरान एडवोकेट विजयकांत, हरिकांत कौशिक, अनिल चौधरी, दिनेश चौधरी, आनंद गौतम, पंकज शर्मा, अशोक सिंघल, बंटी वर्मा, मुकेश अग्रवाल, दुर्गेश गौतम मौजूद रहे।
इस वजह से बन गए दो गुट
दि सिविल बार एसोसिएशन का 28 दिसंबर को चुनाव हुआ था। ठाकुर अमरपाल सिंह अध्यक्ष चुने गए। महामंत्री पद पर 68-68 मत मिलने पर संजय शर्मा और अजय चौहान को निर्वाचन कमेटी ने संयुक्त रूप से महामंत्री घोषित कर दिया था। कुछ दिन बाद में संजय शर्मा की शिकायत पर अजय चौहान को मिले मत में एक मत निरस्त कर संजय शर्मा को महामंत्री विजयी घोषित कर दिया गया। 13 जनवरी को बार कमेटी के साथ ठाकुर अमरपाल सिंह ने अध्यक्ष और संजय शर्मा ने महामंत्री पद की शपथ ग्रहण ली। इससे अजय चौहान समर्थकों में नाराजगी व्याप्त हो गई। उसी दिन 89 वकीलों ने दि सिविल बार एसोसिएशन से सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया था। साथ ही जल्द नई कार्यकारिणी के गठन की बात कही थी।