चाइल्ड लाइन अलीगढ़ के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि आपदा के बाद लापता लोगों में मिली चंचल को उत्तराखंड पुलिस ने बाल कल्याण समिति जम्मू की मदद से उसे जम्मू के बालिका आश्रय स्थल में पहुंचाया था। 12 वर्ष की चंचल का जम्मू आश्रय स्थल में नया नाम तुलसी रखा गया। अब उसकी उम्र साढ़े सत्रह साल हो गई है। कुछ समय बाद चंचल अलीगढ़ को लेकर इशारे में कुछ बताने लगी। इस पर जम्मू बाल कल्याण समिति ने स्थानीय शहर विधायक संजीव राजा से संपर्क कर इसकी जानकारी दी थी।
जिस पर शहर विधायक ने चाइल्ड लाइन को पूरा केस बताया। चाइल्ड लाइन पहले भी एक बार वर्ष 2012 में इस बच्ची को गुम हो जाने पर खोज चुकी थी, इसलिए पहचान करने में आसानी हुई और प्रयास शुरू हुआ। नतीजा सोमवार को सामने आया और बच्ची के दादा दादी का पता चला। जम्मू कश्मीर पुलिस का एक सब इंस्पेक्टर और दो महिला कांस्टेबिल चंचल ऊर्फ तुलसी को लेकर सोमवार को अलीगढ़ पहुंचे। यहां बाल कल्याण समिति के माध्यम से उसको दादा दादी को सौंपा गया। सुपुर्दगी में लेने के लिए उसकी दादी और चाची पहुंचे। चंचल की मां को गाजियाबाद में खबर देने का प्रयास रात में जारी था।
... मम्मी नहीं आई
बदहवासी में चंचल अब भी एक ही बात रटती रहती है.. मम्मी नहीं आई, पापा भी नहीं आए..। उसके दादा दादी का कहना है कि अगर मां सीमा साथ ले जाएगी तो चंचल को उसके सुपुर्द कर देंगे।