पकड़े गए ये सभी 10 नागरिक अवैध तरीके से भारत में घुसे और अलीगढ़ में रहकर मजदूरी कर रहे थे। इनमें पांच लोग एक ही परिवार के हैं, जिन्हें पिछले दिनों गांधीपार्क पुलिस ने कमालपुर इलाके में ईंट-भट्टे की झुग्गियों में छापा मारकर दबोचा था। ये सभी बांग्लादेश के कुड़ीग्राम जिले के फुलवाड़ी थाना क्षेत्र स्थित अजुआटडी गांव के रहने वाले हैं और दलालों की मदद से पश्चिम बंगाल के रास्ते अलीगढ़ तक पहुंचे थे।
इसके अलावा अन्य पांच आरोपियों को शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से गिरफ्तार किया गया था। इन सभी पर विदेशी अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार किसी भी देश के नागरिक के दूसरे देश में पकड़े जाने पर उसके दूतावास को इसकी आधिकारिक सूचना दी जाती है।
इसी प्रक्रिया के तहत आने वाला यह प्रतिनिधिमंडल जेल में बंदियों से मिलकर मुख्य रूप से तीन बड़े काम करेगा। पहला जेल में बंद लोगों की असल भारतीय या बांग्लादेशी नागरिकता की पुष्टि करना, दूसरा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिए जा रहे वकीलों के अलावा यदि बंदियों को किसी अतिरिक्त कानूनी मदद की जरूरत है तो उसका प्रबंध करना और तीसरा अदालत द्वारा सजा पूरी किए जाने के बाद उनकी वतन वापसी की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना।
बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल के इस दौरे को देखते हुए जेल प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी सुरक्षा चूक से बचने के लिए यह मुलाकात जेल अधीक्षक और एलआईयू के अधिकारियों की कड़ी निगरानी और मौजूदगी में कराई जाएगी।
बांग्लादेश के नागरिकों के विषय में जानकारी करने के लिए प्रतिनिधिमंडल आ रहा है। इसके लिए जेल प्रशासन ने सभी तैयारियां कर ली हैं। -पंकज सिंह, अधीक्षक, जिला कारागार