अभिनेता ने कहा- वसीयत बनाने की हालत में नहीं थे दादाजी
फिल्म अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि को अवैध तरीके से बेचा गया है। यह हमारी पुश्तैनी जमीन है, जिसने 30 साल तक हमारा पालन-पोषण किया। हमारे दादाजी हरेंद्र पाल सिंह अलीगढ़ में गंभीर रूप से बीमार थे और वह वसीयत बनाने की बिल्कुल भी हालत में नहीं थे। हमारी बुआ इस बात की मुख्य गवाह हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि दादाजी के निधन के बाद उनके चाचा और चाची ने मिलकर एक फर्जी और अवैध वसीयत तैयार की। इसी फर्जीवाड़े के आधार पर इस बहुमूल्य संपत्ति को हड़पने और बेचने का प्रयास किया गया है। अभिनेता ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सात लोगों के नाम दिए गए हैं, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर इसमें और भी कई नाम सामने आएंगे। इन लोगों पर जमीन बेचने, साजिश रचने और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के गंभीर आरोप हैं।
यह है विवाद
फिल्म अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह और उनके परिवार का संपत्ति विवाद हवेली जलालपुर एस्टेट से जुड़ा हुआ है। अभिनेता और उनके भाई अभिमन्यु सिंह का आरोप है कि उनकी चाची और अन्य रिश्तेदारों ने मिलकर उनकी करोड़ों रुपये की पुश्तैनी कृषि भूमि और ऐतिहासिक हवेली को हड़पने और अवैध रूप से बेचने की कोशिश की है। उनके दादा के नाम की एक फर्जी और अपंजीकृत वसीयत तैयार की गई। अभिनेता और उनकी मां इससे पहले डीएम और एसएसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं।