क्वार्सी इलाके के रावणटीला वार्ड-43 के पूर्व पार्षद सुभाष चंद्र शर्मा की बेटी ने शुक्रवार को भाई से पिता को खाना देने को लेकर हुए विवाद के चलते फंदे पर झूलकर जान देे दी। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर बिना पोस्टमार्टम के ही परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया।
पूर्व पार्षद सुभाष चंद्र शर्मा एवं भाजपा नेता के परिवार में दो बेटे और एक बेटी थी। थाना क्वार्सी इंस्पेक्टर विनोद कुमार के मुताबिक, दोपहर करीब तीन बजे बाजार से घर पहुंचे पूर्व पार्षद ने छोटे बेटे अंकुर से खाना मांगा। इस पर उसने नौवीं की छात्रा बहन लक्ष्मी (14) को खाना लाने के लिए कहा। इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद को शांत कराने के दौरान पिता ने दोनों बच्चों को फटकार लगा दी। इससे क्षुब्ध लक्ष्मी घर की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में गई और वहां पंखे पर फंदा लगाकर उस पर झूल गई। काफी देर तक वह नीचे नहीं आई तो परिवार वाले उसके कमरे में पहुंचे। जहां बेटी को फंदे पर लटका देख कोहराम मच गया। आननफानन में उसे एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर दरोगा सहित पुलिस कांस्टेबल उनके घर पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को कब्जे में ले लिया। मगर, परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। इस पर शव का पंचनामा भरकर परिवार वालों को सौंप दिया गया। मामले में परिवार के किसी भी सदस्य की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।