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Water Health: पानी कितना है शुद्ध, केमिकल की एक बूंद ऐसे बता देगी पूरा हाल

Sun, 29 Dec 2024 02:38 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

जनवरी 2023 में यह प्रोजेक्ट एएमयू के रसायन विभाग को मिला था। प्रोजेक्ट मिलने के बाद वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में अलग-अलग केमिकल की आपस में यौगिक क्रियाएं कराई गईं। इसके बाद सीटी कांप्लेक्स केमिकल वजूद में आया। इस केमिकल के जरिये पानी में मिलने वाले खतरनाक तत्वों की पहचान की जा सकेगी। 
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पानी को जांचने वाली मशीन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पानी कितना शुद्ध है। नदी, नहरों और कुओं का पानी पीने योग्य है या नहीं। अब केमिकल की एक बूंद पूरा हाल बता देगी। इस केमिकल का वैज्ञानिक नाम सीटी कांप्लेक्स है जिसकी खोज एएमयू के रसायन विभाग ने की है। वर्ष 2023 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) भारत सरकार ने यह प्रोजेक्ट एएमयू को दिया था जिसे पूरा कर लिया गया है। जिस केमिकल की खोज की गई है और उसका फाॅर्मूला अब डीएसटी विभाग को भेजा जा रहा है।

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इस समय अधिकांश बीमारियां दूषित पानी के सेवन से हो रही हैं। सरकार का भी जोर इसी पर है कि लोगों को हर हाल में शुद्ध पानी मुहैया कराया जाए। पिछले काफी समय से पानी की जांच के आसान फाॅर्मूले खोजे जा रहे हैं। पिछले साल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) भारत सरकार ने पानी की जांच के लिए केमिकल तैयार करने का एक प्रोजेक्ट एएमयू को सौंपा था। 

जनवरी 2023 में यह प्रोजेक्ट एएमयू के रसायन विभाग को मिला था। प्रोजेक्ट मिलने के बाद वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में अलग-अलग केमिकल की आपस में यौगिक क्रियाएं कराई गईं। इसके बाद सीटी कांप्लेक्स केमिकल वजूद में आया। इस केमिकल के जरिये पानी में मिलने वाले खतरनाक तत्वों की पहचान की जा सकेगी। 

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पानी की दस-बीस बूंदों से सीटीएस के जरिये नदी, नहर, तालाब और स्वीमिंग पूल के पानी की सेहत जानी जा सकती है कि वह कितनी खराब है। यह शोध इंटरनेशनल जर्नल एसीएस ओमेगा, जर्नल ऑफ केमेस्ट्री में छप चुका है। पानी में मिलने वाले खतरनाक तत्व सीटीसी केमिकल रासायनिक अभिक्रिया से अलग-अलग में नजर आएंगे। पानी के तत्व की पहचान में यूवी-विजिबल स्पेक्ट्रो फोटो मीटर का भी सहारा लिया जाता है।

पानी की सेहत खराब कर रहे खतरनाक तत्वों की पहचान सीटीसी से हो जाएगी। यह शोध में सामने आया है। प्रयोगशाला में सीटीसी की खोज की है। इसके सहारे किसी भी नदी, नहर, तालाब के पानी की सेहत को आसानी से जान सकते हैं। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। इस शोध में शोधकर्ता फरहा नाज की भी भूमिका रही है।-डॉ. इशात मोहम्मद खान, एसोसिएट प्रोफेसर, रसायन विभाग, एएमयू

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खतरनाक तत्व के रंग ऐसे होते

सीटीसी और कोबाल्ट के अभिक्रिया से नीला रंग होगा। सीटीसी और निकिल के अभिक्रिया से हल्का पीला रंग होगा। सीटीसी और आयन के अभिक्रिया से भूरा रंग होगा।

क्या है सीटी कांप्लेक्स
डॉ. इशात खान ने बताया कि सीटी कांप्लेक्स एक तरह का केमिकल है, जो प्रयोगशाला में अलग-अलग केमिकल को अभिक्रिया कराकर नए रूप में केमिकल को तैयार किया गया है, जिसे सीटी कांप्लेक्स नाम दिया गया है। इस कांप्लेक्स के जरिये पानी में मिलने वाले खतरनाक तत्वों की आसानी से पहचान हो जाती है। शोध के अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल में छप चुका है।

नदियों के पानी की शुद्धता जांच सकेंगे
नदियों में हानिकारक और घातक तत्वों की जांच के लिए भी यह रसायन यानी सीटी कांप्लेक्स कारगर साबित होगा। इसकी मदद से नदियों के पानी की जांच की जा सकेगी। इस रसायन की मदद से कम से कम खर्च में नदियों के पानी की जांच हो सकेगी। अभी तक नदियों के पानी की जांच करने में बड़ा खर्च होता था। 
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