अब पश्चिमी यूपी में लॉरेंस गैंग से जुड़े अपराधियों का डेटा-बेस तैयार हो रहा है। लॉरेंस गिरोह के नाम से जुड़ी घटनाओं में पकड़े गए और उनसे जुड़े अपराधियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। ताबड़तोड़ कार्रवाई का प्लान है।
पश्चिमी यूपी में अब एसटीएफ की यूनिटों ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के लिए काम करने वाले अपराधियों व उनसे जुड़े लोगों का डेटा-बेस तैयार करना शुरू कर दिया है। यह कवायद पिछले कुछ दिनों में पश्चिमी यूपी के अपराधियों द्वारा लॉरेंस गिरोह के लिए काम करने का खुलासा होने के बाद तेज कर दी है।
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इसमें अलीगढ़ से भी एसटीएफ की टीमें ऐसे सुराग तलाश रही हैं कि यहां के कौन से अपराधी हैं जो दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय रहकर लॉरेंस गिरोह से जुड़ सकते हैं। संकेत हैं कि डेटा बेस तैयार होने के बाद ऐसे अपराधियों व उनके करीबियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर शिकंजा कसा जाएगा।
पंजाब-राजस्थान में सर्वाधिक सक्रिय लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के लिए काम करने वाले अपराधियों का खुलासा अब पश्चिमी यूपी के अलग-अलग जिलों में भी होने लगा है। सबसे ताजा मामला हाल में आगरा के कुछ शूटरों को पकड़ा गया, जिन्होंने पिछले दिनों मुंबई में रोहित शेट्टी के आवास पर फायरिंग की थी।
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एसटीएफ से जुड़े अधिकारिक सूत्र के अनुसार पश्चिमी यूपी के अलग-अलग जिलों के जिन अपराधियों की सक्रियता दिल्ली, एनसीआर के साथ-साथ उन राज्यों में भी है, जहां लॉरेंस गिरोह सक्रिय है। उनके विषय में विवरण जुटाया जा रहा है।
उनके तार इस गिरोह से तो नहीं जुड़े। साथ में अब तक हापुड़ व आगरा में जिन अपराधियों के नाम उजागर हुए हैं। उनमें कुछ पकड़े व मारे गए। उनसे जुड़े करीबियों का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है।
शूटर भाइयों सहित मुनीर की वजह से अलीगढ़ पर नजर
एसटीएफ ने अलीगढ़ में भी इस गिरोह की सक्रियता को लेकर सुराग तलाशना शुरू कर दिया है। चूंकि कुछ वर्ष पहले तक अलीगढ़ के साथ-साथ पश्चिमी यूपी, दिल्ली व राजधानी लखनऊ तक हत्याएं व लूट कर चुका मुनीर गैंग अलीगढ़ में खासा सक्रिय रहा है। मुनीर के जेल जाने व बाद में उसके मारे जाने के बाद गिरोह अलीगढ़ से तितर-बितर हुआ।
बाद में इस गिरोह के अधिकांश सदस्यों की सक्रियता दिल्ली में हुई। वहां कई सदस्य पकड़े गए। खोजबीन का कारण ये भी है कि दिल्ली में सक्रिय रहकर मुनीर से जुड़े अपराधियों का जुड़ाव लॉरेंस गिरोह से तो नहीं हुआ। इसमें हाल में एएमयू में शिक्षक दानिश राव की हत्या में फरार एक-एक लाख के इनामी नौशा बरला के शूटर भाई जुबैर, यासिर व फहद भी शामिल हैं।
इसके अलावा दिल्ली तिहाड़ में ही निरुद्ध मुनीर का राइट हैंड रहा आशुतोष मिश्रा भी है। इन सभी को लेकर भी एसटीएफ लॉरेंस गिरोह से जुड़ाव का ब्योरा तलाश रही है। साथ में इन सभी के करीबियों, गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की वर्तमान स्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। इनमें कुछ फिलहाल अलीगढ़ में भी सक्रिय हैं।
इस तरह के संगठित अपराध करने वालों पर एसटीएफ समय समय पर ड्राइव चलाती रहती है। हो सकता है कि लॉरेंस गिरोह से जुड़कर काम कर रहे अपराधियों पर एसटीएफ द्वारा काम किया जा रहा हो, लेकिन अभी तक इसमें हमसे किसी ने संपर्क नहीं किया है। न किसी के विषय में कोई जानकारी मांगी है। अगर मांगा जाएगा तो मदद की जाएगी। हमारी टीमें अपने मंडल के ऐसे सभी शूटरों की धरपकड़ में अपने स्तर से प्रयासरत हैं। जो जेल में हैं, उनकी निगरानी बरकरार है।-प्रभाकर चौधरी, डीआईजी रेंज
ये हैं प्रमुख कारण
पिछले वर्ष हापुड़ में लॉरेंस गिरोह से जुड़े शूटर नवीन को मार गिराया था
अब आगरा में रोहित शेट्टी के आवास पर फायरिंग करने में सात दबोचे
अलीगढ़ के इनामी तीन शूटर भाइयों का नाम भी इस गिरोह से जुड़ता है
कभी कुख्यात मुनीर के राइट हैंड कई अपराधी अब दिल्ली में हैं सक्रिय