अलीगढ़। अलीगढ़ से गाजियाबाद के बीच तैयार हुई तीसरी रेल लाइन पर अलीगढ़ और खुर्जा के बीच 44 किमी लंबे रेलमार्ग का गुरुवार को सीआरएस (कमिश्नर रेलवे सेफ्टी) निरीक्षण हुआ। निरीक्षण पहले मोटर चलित आठ ट्रालियों से हुआ और इसके बाद सीआरएस की स्पेशल ट्रेन से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का स्पीड ट्रायल हुआ।
सीआरएस आरडी वाजपेयी ने बताया कि निरीक्षण पूरा होने के बाद इसकी खामियां दूर कराई जाएंगी और फिर इस पर मुसाफिर ट्रेनों को चलाया जाएगा। निरीक्षण की रिपोर्ट इसी सप्ताह में आने की उम्मीद है। संभवत: 10 मई तक इस रेलखंड पर मुसाफिर ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। निरीक्षण में पुल, पुलिया, रेल लाइन ज्वाइंट, सिग्नल, ओएचई सप्लाई स्टाफ को इस बारे में दी गई जानकारी और स्टेशनों पर रेल लाइन का होम और आउटर सिग्नल गहनता से चेक हुआ। सुबह नौ बजे आईटीआई के पास बने केबिन से सीआरएस का निरीक्षण शुरू होने से पहले पूजापाठ हुआ, यह वही स्थान है जहां पहली बार मुसाफिर ट्रेन के औपचारिक ट्रायल में नवरात्र के दौरान दो बच्चियां इंजन की चपेट में आने से मारी गईं थीं। पूजापाठ के बाद ट्रालियों से अफसरों की पूरी फौज 12 बजे खुर्जा तक पहुंची। यहां से पूरा अमला साढ़े तीन बजे अलीगढ़ वापस आया। अलीगढ़ से दोबारा सीआरएस की स्पेशल ट्रेन को खुर्जा की ओर दौड़ाया गया, जिसने 120 किमी की रफ्तार से खुर्जा का सफर 4.27 बजे से 5 बजे के बीच में पूरा किया। देर रात सीआरएस की स्पेशल ट्रेन इलाहाबाद रवाना हो गई। इस ऐतिहासिक मौके पर उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद मंडल के डीआरएम हरींद्र राव, सीनियर डीओएम पीके ओझा, चीफ सेफ्टी अफसर, आरवीएनएल के अफसर और रेलवे के सभी विभागों के अफसर मौजूद रहे। इलाहाबाद मंडल के सीपीआरओ संदीप माथुर इस निरीक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी शुक्रवार को देंगे।