अलीगढ़। विद्युत महकमे में खैर के जेई द्वारा ट्रांसफार्मरों की हेराफेरी के बाद एक गोलमाल सामने आया है। जट्टारी के जेई पर आरोप लगा है कि एक निजी नलकूप का कनेक्शन देने के नाम पर उन्होंने 1.20 लाख रुपये जेब में रख लिए और विभाग के स्टोर से 25 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगवा दिया। चीफ इंजीनियर वीके मित्तल ने मसले को गंभीरता से लेते हुए हाई पॉवर जांच कमेटी बना दी है। साथ ही नलकूप पर लगे ट्रांसफार्मर को उतरवा कर स्टोर में मंगाया जा रहा है, ताकि उसे खोलकर जांच हो सके कि ट्रांसफार्मर विभाग का है या बाहरी।
ज्ञात हो कि खैर बिजलीघर के जेई एसपी सिंह ने दो ट्रांसफार्मर फुंके बिना ही उनके नाम पर दो ट्रांसफार्मर विभाग के स्टोर से जारी कराए और ठिकाने लगा दिए। इस पर जेई को सस्पेंड कर दिया। अभी यह मसला चरचा में ही था कि जट्टारी क्षेत्र के जेई का मसला सामने हा गया।
उन्होंने एक निजी नलकूप को बिजली का कनेक्शन दिया। जमा योजना का कनेक्शन था लिहाजा कनेक्शन पर जो भी खर्च आता वह विभाग के खजाने में जमा होना चाहिए था। आरोप है कि जेई ने कनेक्शन देने के नाम पर 1.20 लाख रुपये उपभोक्ता से ले लिए और विभाग के स्टोर से 25 केवीए का एक ट्रांसफार्मर जारी कराकर उसके नलकूप पर लगवा कर कनेक्शन चालू करा दिया। उपभोक्ता ने जेई से रसीद मांगी तो उसने मना कर दिया। चीफ इंजीनियर ने इसकी जांच के लिए अलीगढ़ जोन ऑफिस के एक एक्सईएन और विभाग के एक्सईएन स्टोर नामित किया है। कमेटी ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो ट्रांसफार्मर के ऊपर जो नंबर और कंपनी आदि की प्लेट गायब मिली। कमेटी ने ट्रांसफार्मर को उतरवा कर स्टोर में मंगवाया है। स्टोर में ट्रांसफार्मर को खोलकर अंदर के नंबर आदि देखे जाएंगे। जांच पूरी होने के बाद जेई पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।