अलीगढ़। यह वारदात फिल्मी लव स्टोरी से कम नहीं। श्हर की नलकूप कॉलोनी का निलंबित आईटीबीपी जवान मिस्ड कॉल के जरिये हरियाणा के महेंद्रगढ़ की युवती के संपर्क में आया और ढाई साल में प्यार इतना परवान चढ़ गया कि वह युवती को साथ ले आया। जब युवक का झूठ सामने आया तो युवती की हत्या कर लाश घर के ही आंगन में दफना दी। सात माह तक यह राज बना रहा। मगर कानून के शिकंजे में जब वह आया तो सोमवार को हरियाणा पुलिस ने यहां आकर लाश निकलवा ली। देर शाम शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा था।
कहानी पुलिस की जुबानी
हरियाणा के महेंद्रगढ़ के डीएसपी अनूप सिंह दहिया के अनुसार, मार्च में जब सुनीता निवासी कोथर के पिता चंद्रभान ने बेटी के अपहरण का मुकदमा धारा 366, 120बी के तहत दर्ज कराया तो बताया कि उनकी बेटी महेंद्रगढ़ के डिग्री कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वह दिसंबर से लापता है। इस पर मोबाइल सर्विलांस के जरिये पुलिस अजीत पुत्र यदुनाथ सिंह निवासी नलकूप कॉलोनी, बन्नादेवी तक पहुंची। मूल रूप से चिकावटी लोधा निवासी अजीत के पिता नलकूप विभाग में सेवारत थे, इसलिए यहां उन्हें मकान मिला हुआ है। अजीत आईटीबीपी में सेवारत था, लेकिन दो साल पहले बन्नादेवी में अपहरण के मामले में फंसने के बाद से वह निलंबित चल रहा था। परिवार में मां की मौत के बाद पिता और छोटा भाई, बीवी व दो बच्चे रहते हैं, लेकिन अजीत का सुराग पुलिस को नहीं लगा। पुलिस ने जब दबाव बनाया तो इसी माह अजीत ने महेंद्रगढ़ में सरेंडर कर दिया।
डीएसपी के अनुसार, रिमांड पर लिया गया तो पहले तो उसने बताया कि युवती को आगरा में बेच लिया। फिर बताया कि जवां नहर में फेंक दिया। तीसरी कहानी बताई कि गांव में चाचा के नलकूप के पास दफना दिया। चाचा को भी हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद पुलिस ने रविवार को फिर चार दिन की रिमांड पर लिया। रात में सख्ती से हुई पूछताछ में उसने हकीकत बयां कर दी। इस पर सोमवार सुबह हरियाणा पुलिस यहां पहुंची। बन्नादेवी पुलिस की मदद से डीएम से अनुमति लेकर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शाम को कंकाल रूपी शव निकाला। शव को पुलिस अपने साथ ले जाएगी। प्रभारी बन्नादेवी के अनुसार, कॉलोनी के एक बच्चे के अपहरण के अलावा बहुचर्चित फार्मेसी परिवार की बुजुर्ग महिला के अपहरण की कोशिश और गैंगेस्टर के मुकदमे में अजीत आरोपी है।