हेन्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी लोकसभा सामान्य निर्वाचन -2019 की आदर्श आचार संहिता लागू होते ही पूरे जिले में राजनीतिक दलों और नेताओं की प्रचार सामग्री हटना शुरू हो गई है। नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल ने निर्देश पर नगर निगम की टीमों ने शहर के कई स्थानों से प्रचार सामग्री रविवार शाम छह बजे से हटने लगी।
डीएम व जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्र भूषण सिंह के निर्देश पर नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल ने पर्यवेक्षण टीमों का गठन किया है। जिसके माध्यम से समस्त सहायक रिटर्निंग अफ सर को प्रभारी एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी अन्य को सह प्रभारी नामित किया गया है।
उक्त दोनों अधिकारी टीम सहित अपने अपने विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक दलों के होर्डिंग, कटआउट, स्लोगन, वॉल राइटिंग और पेंटिंग को चिन्हित कर हटाने में लग गए हैं। समस्त पर्यवेक्षण अधिकारी आदर्श आचार संहिता के तहत तत्काल क्त्रिस्याशील हो गए हैं। प्रचार सामग्री 24 घंटे के अंदर पूरी तरह से हटाई जाएगी।
प्रशिक्षण आज सुबह 10.30 बजे से
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देशों के क्त्रस्म में एमसीसी एंड ईईएम के सदस्यों को सोमवार 11 मार्च को सुबह 10.30 बजे से नवीन कलेक्ट्रेट सभागार में चुनाव प्रशिक्षण होगा। उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त उप जिला निर्वाचन अधिकारी तथा सहायक रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा ये प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एमसीसी एंड ईईएम के सदस्यों को उप जिला निर्वाचन अधिकारी तथा सहायक रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण में चुनाव के नियमों से अवगत कराया जाएगा। जिसमें आदर्श आचार संहिता के प्रभावी होने के बाद प्रावधान सहित अन्य जानकारी दी जाएगी।
सुबह से ही ठेकेदार नये कामों के फोटो भेजने में लग गए
लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने की संभावना के मद्देनजर रविवार सुबह से ही ठेकेदार अपने नये कामों की फोटो मोबाइल पर अधिकारियों को देते रहे, जिससे उनके काम की शुरुआत मान ली जाए। नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, सीपीडब्ल्यूडी, अलीगढ़ विकास प्राधिकरण, बिजली विभाग, जल कल विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों के टेंडर प्रक्रिया में शामिल ठेकेदार पूरे दिन इस काम में लगे रहे। रात तक इस काम को पूरा किया गया।
इधर, नगर निगम से जुड़े एक ठेकेदार ने बताया कि अधिकांश विभागों में नियमों को ताक पर रख कर ठेकों के टेंडर उठाने की कार्रवाई हो रही हैै। टेंडर निकलने के बाद नियमानुसार अनुबंध के बिना ही कामों का आवंटन हो रहा है। नियमानुसार ठेकों का अनुबंध पत्र बनने के बाद ही काम शुरू हो सकता है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।