न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
कश्मीर में दहशतगर्दों के हाथ की कठपुतली बनने के बजाय वहां के युवाओं को उद्यमी बनाने की पहल अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व छात्र अमूद गुलजार करने जा रहे हैं। कश्मीर के ही रहने वाले अमूद नवंबर में अपने राज्य में स्प्रिट कश्मीर बिजनेस कान्क्लेव करने जा रहे हैं। उनका मानना है कि कश्मीर के युवाओं के हालात बंदूक से नहीं, कारोबार से बदलेंगे। वे मोदी सरकार की योजनाओं का लाभ लेने की सलाह भी कश्मीरी युवाओं को देते हैं।
अमूद ने एएमयू में बारहवीं से लेकर एम.कॉम तक की पढ़ाई की है। अब शोध करने की तैयारी में हैं। जम्मू कश्मीर के कंजूर टंगमरग बारमूला निवासी अमूद की सोच में अपने राज्य को आर्थिक, सामाजिक, शिक्षा से मजबूत करना है। जम्मू कश्मीर फेडरेशन फॉर एजुकेशन एंड डेवलेपमेंट (जेकेएफएडी) के संस्थापक अमूद कश्मीरी युवाओं को कारोबार से जुड़ने का आह्वान कर चुके हैं।
वे एएमयू में 15 सितंबर 2018 को कारोबार पर सेमिनार कर चुके हैं। कश्मीर में जो वर्तमान हालात हैं, उनको बदलना चाहते हैं। पत्थर उठाने वाले हाथों में कारोबार देना चाहते हैं। अमूद नवंबर में जम्मू कश्मीर में स्प्रिट कश्मीर बिजनेस कान्क्लेव करने जा रहे हैं। इसमें देशभर उद्योगपति जुटेंगे। इसमें नौकरी के बजाय कारोबार से जुड़ने पर जोर दिया जाएगा।
जेकेएफएडी से 200 कश्मीरी युवा जुड़ चुके हैं। केंद्र सरकार मुद्रा योजना, स्टार्टअप, मेकिंग इन जम्मू कश्मीर सहित तमाम योजनाएं चला रही है। इस योजना से युवाओं को जोड़ेंगे। कान्क्लेव में युवाओं के प्रोजेक्ट को उद्योगपतियों के सामने रखेंगे। जो बिजनेस कम चल रहे हैं, उनकी तेजी पर भी बातें होंगी।
-अमूद गुलजार, संस्थापक अध्यक्ष, जेकेएफएडी