क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
लोधा के गांव करसुआ की किशोरी को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म के मुकदमे में अदालत ने 20 साल की सजा व 70 हजार जुर्माने से दंडित किया है। यह फैसला एडीजे.8 शाहिद रजा के न्यायालय ने सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता हर्षवर्द्धन सिंह के अनुसार वाकया 13 मई 2013 का है, जब किशोरी सुबह मंदिर गई थी, तभी उसे नामजद ले गए। इस मुकदमे में अदालत में गांव के श्याम बाबू व उसके साले सुर्जन उर्फ संजू निवासी मोहनी मारहरा कासगंज व एक नाबालिग का नाम सामने आया। किशोरी के बयान आदि के आधार पर पुलिस ने तीनों पर अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट आदि धाराओं में चार्जशीट दायर की।
इसमें नाबालिग की पत्रावली किशोर बोर्ड भेज दी गई, जबकि साले संजू की फाइल गैरहाजिर होने के कारण अलग कर दी गई है और अदालत में श्याम बाबू के खिलाफ सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्य हुए। साक्ष्यों व गवाही के आधार पर श्याम बाबू को दोषी करार देकर 20 साल कैद की सजा व 70 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है। साथ ही आदेश दिया है कि जुर्माना राशि में से 60 हजार रुपये पीड़ित को दिए जाएंगे।