न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
लंबे इंतजार के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रह रहे गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास निर्माण का लक्ष्य आ गया है। इसके तहत गरीबों के 239 आवास बनाने का लक्ष्य दिया गया है। अब स्थानीय अफसरों को शासन के पोर्टल पर आनलाइन लक्ष्य की फीडिंग का इंतजार है। लक्ष्य आते ही इसे पहले ब्लाकवार एवं उसके बाद आवश्यकता के हिसाब से ग्राम पंचायत वार बांटकर निर्माण के लिए पैसा रिलीज कर दिया जाएगा।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रह रहे गरीबी की रेखा से नीचे वाले गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास की स्कीम संचालित की हुई है। इसके तहत गरीबों को अपना आवास बनाने के लिए सरकार की ओर से 1.20 लाख रुपया अनुदान मिलना है।
यही नहीं शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपया अलग से दिया जाना है। यही नहीं आवास निर्माण के दौरान यदि लाभार्थी स्वयं मजदूरी करता है तो उसे 175 रुपये रोजाना के हिसाब से मनरेगा योजना में 90 दिन का रोजगार भी दिये जाने का प्रावधान है।
परियोजना निदेशक डीआरडीए सचिन कुमार ने बताया कि शासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रदेश के सभी जिलों को लक्ष्य आवंटित कर दिये हैं। अलीगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में 239 आवास निर्माण का लक्ष्य दिया गया है। अभी लक्ष्य की आनलाइन फीडिंग होनी बाकी है। आनलाइन लक्ष्य आते ही आवश्यक कार्रवाइयां आरंभ कर दी जाएंगी।
25 वर्गमीटर एरिया में बनेंगे आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना में ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबों के आवास अधिकतम 25 वर्ग मीटर एरिया में बनाए जाएंगे। आवास में एक कमरा, किचिन, बरामदा एवं एक शौचालय होगा।