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चिलकोरा में अदालत के आदेश पर कब्जा हटवाया,

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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धौर्रामाफी स्थित इकरा पब्लिक स्कूल के पीछे चिलकौरा इलाके में सोमवार को तहसील प्रशासन की टीम ने चारागाह की जमीनों पर बने अवैध घरों को हटाने के लिए अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हुआ।

जेसीबी मशीनों से कार्रवाई शुरू होते ही मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए और इसका विरोध शुरू हो गया। महिलाएं बच्चों को लेकर विरोध में खड़ी हो गईं। चीखपुकार मची तो आसपास के दर्जनों लोग इकट्ठा हो गए। कहासुनी शुरू हो गई। जेसीबी मशीनों को कुुछ लोगों ने धकियाना शुरू कर दिया।
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तहसील और पुलिस की टीम भी थोड़ा आक्रामक हुई तो लोग ठिठके। लोगों का तर्क ये कि किसी को भी अतिक्रमण हटाने से पहले न तो नोटिस दिया गया न ही कोई मुनादी आदि कराई गई।

अचानक अतिक्रमण हटाए जाने से सैकड़ों परिवार बेघर हो जाएंगे। इस दौरान लगभग एक दर्जन छत विहीन घरों को वहां से हटाया गया। कुछ अन्य सामान हटाया गया। इसके बाद ही अभियान बंद कर दिया गया। किसी का घर नहीं तोड़ा गया। मौके पर पुलिस बड़ी संख्या में मौजूद रही।

तहसीलदार कोल गौतम सिंह ने बताया कि उक्त चारागाह प्रकरण में भगवान दास बनाम उत्तर प्रदेश के नाम से हाईकोर्ट में रिट संख्या 12457/17 दाखिल हुई थी। इसमें चिलकौरा के पास गाटा संख्या 48/1 और 48/2 की लगभग दो हेक्टेयर जमीन को खाली कराने का आदेश है।

इसी आदेश के अनुपालन के लिए वहां कब्जा करने वालों को 120 बी के तहत नोटिस भी दिया गया। इसके बाद भी खाली नहीं करने पर कार्रवाई हुई। जिन घरों की छत नहीं थी ऐसे एक दर्जन घर हटवाए गए हैं। अब वस्तु स्थिति से अदालत को अवगत करा कर आदेश लेंगे और उसके अनुसार कार्रवाई करेंगे।

मौके पर पर पहुंचे सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इस्हाक ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई रमजान महीने में करना उचित नहीं है। ये कार्रवाई रमजान के बाद की जाए।

इस बीच उन लोगों को अपना दूसरा ठिकाना ढूंढ लेने का वक्त मिल जाएगा। अज्जू इस्हाक ने मौके पर पहुंच कर प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की और अतिक्रमण हटवाने का अभियान रुकवाया। अज्जू ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह से बात की गई है।
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मंगलवार को वह पीड़ित लोगों के साथ उनसे मिलेंगे और इस संबंध में अपील करेंगे कि इन सभी लोगों को अपना ठिकाना ढूंढ लेने का वक्त दे दिया जाए। एक महीने के बाद ये कार्रवाई की जाए।
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