न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
शहर के अधिकांश नाले नालियों में बरसात से पहले सिल्ट सफाई कराई जा रही है। कई जगहों पर सिल्ट सीधे सड़कों और गलियों पर फैलाई जा रही है, जिसकी तीक्ष्ण गंध और गंदगी से पूरे शहरवासी परेशान हैं।
ये स्थित तब है जबकि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का सख्त आदेश है कि नालों की सिल्ट किसी भी हाल में सड़क पर नहीं फैलाई जाएगी। इस समस्या को लेकर अमर उजाला की मुहिम चार साल से जारी है। इसी मुहिम से जुड़ कर उद्योग व्यापार संगठन ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में वाद दायर किया था। वर्ष 2014 से ये प्रकरण एनजीटी में चल रहा है।
उद्योग व्यापार संगठन के युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुराग गुप्ता ने बुधवार को नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल से मिल कर पूरी समस्या और प्रकरण सिलसिलेवार बताया। उनको बताया गया कि इस प्रकरण में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में लगातार डेढ़ साल तक सुनवाई के बाद 28 जुलाई 2015 में नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से शपथ पत्र दिया गया था कि अब नालों की सिल्ट सड़क पर नहीं फैलाई जाएगी। नगर निगम ये कार्रवाई तब की थी जब जमानती और गैरजमानती दोनों तरह के वारंट जारी हो चुके थे।
शपथ पत्र पढ़ने के बाद जब एनजीटी ने पूछा कि क्या व्यवस्थाएं हाेंगी..? तो नगर निगम प्रशासन ने जवाब दिया कि 350-400 सफाई कर्मी नियुक्ति किए जाएंगे। एक करोड़ 35 लाख की सुपर सकर मशीन और 14 हायड्रोलिक ट्राली खरीदी जाएंगी। 100 हाथ वाली ट्राली और दस नये टेंपो से भी सफाई होगी।
गौर हो कि उक्त जवाब के सापेक्ष 150 सफाई कर्मी नियुक्ति किए गए हैं। सुपर सकर मशीन एक महीने पहले ही आई है। दस नौकाकार ट्रालियां खरीदी गई हैं। हकीकत में जब गैंग मैन सफाई करते हैं तो एक ही ट्राली उनके साथ रहती है। जब तक वो ट्राली खाली हो कर आती है तब तक सफाईकर्मी इंतजार नहीं करते और सड़क पर सिल्ट फैला देते हैं। जिससे समस्या और गंभीर हो रही है।
अनुराग ने मामले में विस्तृत ज्ञापन भी नगर आयुक्त को दिया। जिसमें एनजीटी के आदेश की प्रति भी संलग्न थी। ज्ञापन लेने के बाद नगर आयुक्त ने संबंधित स्टाफ से पूछा कि सुपर सकर मशीन क्यों खड़ी है..? तो जवाब मिला कि इसका इस्तेमाल शीघ्र ही किया जाएगा। उन्होंने स्टाफ से कहा कि अब नालों की सफाई रात में कराएं और सिल्ट को फैलने न दें।
इससे पहले उद्योग व्यापार संगठन का प्रतिनिधि मंडल मेयर मो. फुरकान से भी मिला, उनको भी पूरा मामला बताया गया। उन्होंने कहा कि वह नगर आयुक्त से बात कर समाधान कराएंगे।
इस ज्ञापन एक एक प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, मंडलायुक्त अजय दीप सिंह, जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह को भी प्रेषित किया गया है। अनुराग गुप्ता के साथ अभय शर्मा, उमेश चंद्र श्रीवास्तव, सुधीर वार्ष्णेय, रोहित बर्मन, सौरभ कैपिटल, पुष्पेंद्र जादौन, अनिल वर्मा, नवीन वार्ष्णेय और राजीव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।