न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने छात्रों से परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा प्रवेश द्वारों पर ताले लगाने एवं बाधा पैदा करने जैसी हरकतों से दूर रहने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की जायज मांगों के प्रति प्रशासन हमदर्दी का रवैया रखता है, लेकिन अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एएमयू छात्र संघ के निर्वाचित कैबिनेट सदस्य जैद शेरवानी के निलंबन के बाद तीन दिन से परिसर के गेटों पर तालाबंदी एवं हंगामे के बाद कुलपति ने स्पष्ट किया है कि जेएन मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टर द्वारा जैद शेरवानी के खिलाफ शिकायत की गई थी।
जांच समिति ने प्रथम दृष्टया अनुशासनहीनता तथा आक्रामक गतिविधियों का दोषी पाया। उसके आधार पर जैद को निलंबित किया गया है। रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि छात्रसंघ के पदाधिकारियों ने कुछ गुमराह छात्रों तथा असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया है, जिससे विश्वविद्यालय के दैनिक कार्य प्रभावित हुए हैं।
इससे अपनी संस्कृति एवं परंपरा के लिए प्रसिद्ध विश्वविद्यालय की बदनामी होती है। उन्होंने कहा कि छात्रों के एक छोटे से वर्ग की गैर जिम्मेदाराना हरकत बर्दाश्त नहीं की जा सकती तथा इस बात की आज्ञा नहीं दी जा सकती कि सभी छात्रों का कैरियर तबाह हो।